झूठी शिकायत पर फरियादी को कोर्ट उठने तक की सजा, आरोपी दोषमुक्त

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। छह साल पुराने मामले में न्यायालय ने फरियादी को कोर्ट उठने तक की सजा सुनाई है और आरोपी सरपंच को दोषमुक्त किया है।

ग्राम गोयला बुजुर्ग सरपंच हरिओम शर्मा और उसके साथी हिम्मत पटेल, नवल गारी के खिलाफ मारपीट करने और जातिसूचक शब्द कहे जाने की शिकायत विक्रम परिहार ने दर्ज कराई थी कि 13 फरवरी 2019 को गोयला बुजुर्ग में रामलीला के दौरान पुरस्कार दिए जा रहे थे प्उस दौरान वह पहुंचा तो सरपंच और उसके साथियों द्वारा गाली गलौज करते हुए जाति सूतक शब्द कहे और मारपीट की है।
मामले में पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया था। 6 साल तक चली सुनवाई के बाद न्यायालय में सामने आया कि फरियादी विक्रम परिहार ने शराब पीकर सरपंच हरिओम शर्मा के साथ मारपीट की थी। सरपंच शर्मा की ओर से एडवोकेट वीरेंद्र शर्मा ने तर्क दिया कि विक्रम द्वारा तत्काल पुलिस को शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी क्योंकि वह नशे में था उसने बाद में थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई ताकि मेडिकल परीक्षण होने पर शराब पीने की पुष्टि नहीं हो सके। विशेष न्यायालय द्वारा मामले के सभी तथ्यों को देखने और दोनों पक्षों के गवाहों के बयान सुनने के बाद सरपंच हरिओम शर्मा को दोष मुक्त करते हुए रिपोर्ट दर्ज करने वाले विक्रम परिहार को न्यायालय उठने तक की सजा सुनाई और जुर्माना भी किया।









