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सैंपलिंग के बाद खुले गड्ढे और सड़क पर खड़े टैंकर यूं ही छोड़े

कार्य लगभग पूरे , लेकिन इंतजाम अभी भी अधूरे

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शहर की प्रमुख सड़क पर लापरवाही

एलिवेटेड रोड की सॉइल और रॉक टेस्टिंग में पानी के लिए किया था टैंकर का प्रयोग, हो सकता है हादसा

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उज्जैन। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को लेकर शहरभर में विकास कार्य तेज गति से जारी हैं। कहीं सड़कों का चौड़ीकरण हो रहा है तो कहीं पुलों का निर्माण किया जा रहा है। इसी कड़ी में आगर रोड पर एलिवेटेड रोड के लिए सॉइल और रॉक टेस्टिंग का काम भी पूरा कर लिया गया है लेकिन इस काम में लगे टैंकरों को हर पाइंट पर खड़ा करके छोड़ दिया गया है। यह टैंकर हादसे का कारण बन सकते हैं। लोक निर्माण विभाग में अंतगर्त आने वाला सेतु निगम दो एलिवेटेड रोड पर काम कर रहा है। पहला एलिवेटेड आगर रोड पर इंदिरानगर से हरिफाटक ओवरब्रिज और दूसरा इंदौरगेट से निकास चौराहा तक बनाया जाएगा।

चूंकि एलिवेटेड रोड हवाई होते हैं, ऐसे में इनके निर्माण में बड़ी सावधानी रखी जाती है। इनके पिलर को मजबूती देने के लिए सॉइल एवं रॉक टेस्टिंग की जाती है। आगर रोड पर संबंधित कंपनी ने टेस्टिंग के लिए ड्रिल मशीन से गड्ढे खोदे और इनमें से नमूने एकत्र किए। यह नमूने कई पाइंट से लिए गए। खासकर वह जहां पिलर आएंगे। टेस्टिंग का काम करीब-करीब पूरा हो गया है लेकिन मार्ग पर सैंपलिंग के लिए किए गए गड्ढों की अब तक मरम्मत नहीं की गई है। इतना ही नहीं कार्य के दौरान उपयोग में लाए गए पानी के टैंकर और अन्य सामग्री भी कई स्थानों पर सड़क किनारे या बीच मार्ग में ही छोड़ दी गई है।

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टैंकर से संकरी हुई सड़क

आगर रोड जैसे मुख्य मार्ग के कोयला फाटक के पास पानी का टैंकर लंबे समय से सड़क घेरकर खड़ा है। इस वजह से सड़क संकरी हो गई है और यातायात प्रभावित हो रहा है। व्यस्त समय में यहां जाम जैसी स्थिति भी बन जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय यह टैंकर दुर्घटना का कारण बन सकता है। सैंपलिंग के बाद छोड़े गए गड्ढे भी दोपहिया वाहन चालकों के लिए चिंता बने हुए हैं। यदि समय रहते इन गड्ढों की मरम्मत नहीं की गई तो बारिश के दौरान इनमें पानी भर जाएगा और वाहन चालकों को गड्ढों का अंदाजा नहीं लग पाएगा।

ऐसे में हादसा हो सकता है। विकास कार्य शहर के लिए जरूरी हैं, लेकिन कार्य पूर्ण होने के बाद सड़क को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना भी संबंधित विभाग की जिम्मेदारी है। केवल निर्माण कार्य पूरा कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके बाद की व्यवस्थाओं पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाना चाहिए। शहरवासियों का सवाल है कि जब सैंपलिंग का कार्य पूरा हो चुका है तो गड्ढों की मरम्मत और सड़क पर छोड़ी गई सामग्री हटाने की जिम्मेदारी किसकी है। यदि संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसियां समय रहते इस ओर ध्यान नहीं देतीं, तो छोटी सी लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

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