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बिजली विभाग में 30 हजार नई भर्तियों के फैसले के बाद आउटसोर्स की चिंताएं बढ़ी

उज्जैन। बिजली विभाग में 30 हजार स्थाई कर्मचारियों के भर्ती के फैसले के बाद आउटसोर्स कर्मचारियों की चिंता बढ़ गई है। उज्जैन जिले में विभाग में लगभग 9500 कर्मचारी हैं, जिनमें से 2400 कर्मचारी आउटसोर्स के तहत काम कर रहे हैं। ऐसे में नई नियुक्ति होने से इन कर्मचारियों के रोजगार पर असर होगा, जिसे लेकर जिलेभर के आउटसोर्स कर्मचारी ने चिंता जाहिर की है।

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शुक्रवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी परेशानी बताने की योजना बनाई है। दरअसल रिक्त पदों पर विभागीय परीक्षा लेकर ही कर्मचारियों को नियमित किया जाना है। वैसे सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों को कुछ राहत दी है, जिसके अनुसार इन्हें आयु में छूट दी गई है व साथ ही अच्छे व्यवहार के अनुसार इन्हें 20 अंक भी दिए जाएंगे। कर्मचारियों ने बताया कि चिंता यह है कि कई लोगों के पास डिग्री नहीं है। कुछ लोगों ने ज्यादा पढ़ाई ही नहीं की है। ऐसे में यह लोग सालों से सिख कर बस जोखिम उठाते हुए काम कर रहे हैं। अगर परीक्षा नहीं दे पाए या सफल नहीं हुए थे तो इनकी सालों की मेहनत खराब हो जाएगी और इन्हें फिर नई नौकरी ढूंढनी पड़ेगी।

कर्मचारियों की परेशानियां नए युवाओं के साथ परीक्षा में बैठना है, जबकि पढ़ाई छोड़े हुए सालों हो गए हैं। कुछ साथी रिटायरमेंट के करीब हैं तो कुछ कर्मचारियों ने 10-20 साल सिर्फ विद्युत मंडल में ही गुजार दिए। आउटसोर्स कर्मचारी ने कई बार नियमतिकरण के लिए आंदोलन किए हैं। चुनाव के समय आउटसोर्स कर्मचारी से मांगें पूरी करने का वादा किया था, परंतु मांगें संकल्प पत्र के अनुसार पूरी होते हुए नहीं दिखाई दे रही है। संकल्प पत्र में बिजली विभाग के आउटसोर्स कर्मचारी को संविदा का लाभदेने एवं केंद्र के समान न्यूनतम वेतन का लाभ देने का वादा किया था। भर्ती होती है, तो संकल्प पत्र का वादा कैसे पूरा होगा।

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