लिफ्ट बंद, रेलिंग भी टूटी; अब कैसे जाएं लोग चौथी और पांचवीं मंजिल पर

चरक अस्पताल में मरीज और उनके परिजन हो रहे परेशान

अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। जिला चिकित्सालय को चरक अस्पताल में शिफ्ट करते ही मरीजों और उनके परिजनों के लिए परेशानियां बढ़ चुकी हैं। यहां व्याप्त अव्यवस्थाओं से लोग परेशान हैं। आलम यह है कि पीने का साफ पानी और पलंग पर धुले चादर नहीं हैं, चौथी और पांचवीं मंजिल के वार्डों तक जाने के लिए लिफ्ट बंद है और चढ़ाव की रेलिंग भी टूटी है।
जिला चिकित्सालय भवन को तोड़कर यहां मेडिकल कॉलेज बनाया जाना है। इस कारण अस्पताल के वार्ड और विभागों को चरक व माधव नगर अस्पताल में शिफ्ट किया गया। मेडीसिन, अर्थोपेडिक, बर्न सहित अन्य महिला-पुरुष वार्ड 4 थी और 5 वीं मंजिल पर हैं। उक्त वार्डों तक जाने-आने के लिए अस्पताल में 9 लिफ्ट हैं। इनमें से 2 लिफ्ट डॉक्टर्स व स्टाफ के लिए आरक्षित हैं। बाकि लिफ्ट मरीजों व उनके परिजनों के लिए।
मजबूरी में चढ़ाव का उपयोग करना पड़ रहा
वर्तमान स्थिति यह है कि इमरजेंसी के सामने दो लिफ्ट बंद हो चुकी हैं। अस्पताल प्रशासन ने लिफ्ट के बाहर सूचना चस्पा कर दी है। दूसरी लिफ्ट एक समय में 5 से 10 मिनट का समय लगाती है। भीड़ भी अधिक रहती है। मजबूरी में लोगों को चढ़ाव का उपयोग करना पड़ता है।
रेलिंग बनेगी हादसे का कारण
चरक अस्पताल की 6 मंजिल तक आने-जाने के लिए लिफ्ट के अलावा चढ़ाव, रेम्प की वैकल्पिक व्यवस्था है। हालांकि चढ़ाव का उपयोग मरीज नहीं कर सकते। उनके परिजन चौथी और पांचवीं मंजिल पर जाने की हिम्मत तो करते हैं लेकिन यहां लगी स्टील की रेलिंग टूटी है। लोगों का ध्यान टूटी रेलिंग से हटते ही वह गिरकर ग्राउंड फ्लोर पर गिर सकते हैं। अस्पताल के अफसरों द्वारा इसकी रिपेयरिंग पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।
घर से लाए चादर बिछा रहे लोग
चरक अस्पताल स्थित लांड्री का ठेका नहीं होने के कारण वार्ड में भर्ती मरीजों के पलंग पर साफ चादर नहीं बिछाई जाती थी। ठेका होने के बाद प्रतिदिन साफ चादर बेड पर बिछाई जाने लगी थी, लेकिन अस्पताल शिफ्ट करने की प्रक्रिया के दौरान अब यहां मरीजों के बेड पर साफ चादर बिछाना बंद हो चुका है। इमरजेंसी वार्ड में ही मरीज घर से लाई चादर बिछाकर काम चला रहे हैं।









