मानवता… खेलते-खेलते परिवार से बिछड़ा मासूम, पुलिस ने डेढ़ घंटे में ढूंढ निकाला

कलेजे के टुकड़े को पाकर परिजनों ने जताया पुलिस का आभार

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। अपराधियों को पकड़ उन्हें जेल की सलाखों के पीछे भेजने वाली पुलिस ने बीती देर रात मानवता की मिसाल पेश की। उन्होंने माता-पिता से बिछड़े उसके 7 साल के मासूम बेटे को महज 1.30 बजे ढूंढकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया। अपने कलेजे के टुकड़े को सही-सलामत पाकर माता-पिता की खुशी का ठिकाना नहीं रहा और उन्होंने तेजतर्रार कार्रवाई के लिए पुलिस को धन्यवाद दिया।
माधवनगर पुलिस ने बताया कि 11-12 दिसंबर की दरमियानी रात करीब 12 बजे महानंदानगर क्षेत्र में चौकीदारी करने वाले फरियादी ने अपने 7 साल के मासूम बेटे के गुम होने की शिकायत की। बेटे के गुम होने से घबराए पिता ने पुलिस को बताया कि चौकीदार के दौरान वह कुछ समय के लिए घर में लेट गया और बेटा बाहर खेल रहा था। थोड़ी देर बाद पत्नी ने बाहर जाकर देखा तो बेटा नहीं था। इसके बाद परिजनों ने आसपास काफी तलाश की लेकिन बच्चे का कुछ पता नहीं चला। बच्चे के लापता होने की आशंका में माता-पिता माधवनगर थाने पहुंचे और रिपोर्ट दर्ज करवाई।
सड़क पर खड़ा मिला मासूम
मामले बच्चे से जुड़ा होने से टीआई राकेश भारती खुद अपनी टीम के साथ उसकी खोज में निकले। इस दौरान टीम ने घटनास्थल, आसपास के अंधेरे व सुनसान क्षेत्रों, संभावित स्थानों तथा मार्गों पर तलाशी अभियान चलाया। इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरे भी खंगाले गए। रात करीब 1.30 बजे टीआई भारती को बालक पाइप फैक्ट्री चौराहा क्षेत्र के पास घबराई हालत में खड़ा मिला।
मम्मी-पापा से बात करवाई
इसके बाद टीम ने बच्चे से प्यार से उसके माता-पिता का नाम पूछा और वीडियो कॉल कर उनकी बात करवाई। इसके बाद बालक को सुरक्षित थाने लाया गया जहां कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद माता-पिता के सुुपुर्द कर दिया गया। अपने बच्चे को सकुशल पाकर परिजनों ने उसे गले लगाया और माधवनगर पुलिस की प्रशंसा करते हुए धन्यवाद दिया।









