लूट की रिपोर्ट लिखवाने के लिए थाने गया, पुलिस ने लॉकअप में पहुंचाया

लालपुल के पास तीन युवकों ने छीने थे रुपए, मोबाइल व एटीएम

उज्जैन। दिव्यांग युवक लालपुल के नीचे अपने साथ हुई लूट की रिपोर्ट लिखाने नीलगंगा थाने गया और पुलिस ने उसका रिकार्ड निकाला तो पता चला कि वह जिलाबदर है तो उसे लॉकअप में डाल दिया।
गोवर्धन परमार उर्फ मंत्री पिता गुलाब 45 वर्ष निवासी दुबली तराना जिलाबदर होने के कारण भोपाल में रह रहा था। बुधवार को वह ट्रेन से उज्जैन आया और लालपुल के नीचे परिचितों से मिलने पहुंचा। यहां विशाल पिता जसवंत सिंह निवासी कुलावदा बडऩगर, लक्ष्मण सिंह और राजपाल सिंह ने गोवर्धन से 3600 रुपए, मोबाइल, एटीएम, आधार कार्ड छीन लिए। गोवर्धन परमार इसकी शिकायत लेकर नीलगंगा थाने पहुंचा।
पुलिस ने मामले की जांच की और तीनों युवकों को थाने लाए। युवकों ने पुलिस को बताया कि गोवर्धन को शिक्षा विभाग का काम कराने के बदले 28000 रुपए दिए थे। वह रुपए लेकर लापता हो गया था। न तो उसने काम कराया और न ही रुपए लौटाए। इस कारण उसे लालपुल के नीचे बातचीत के लिए बुलाया।
रुपए वापस मांगे तो गाली गलौज करने लगा। गोवर्धन आदतन बदमाश है और उसे 6 अगस्त 2024 को छह माह के लिए जिलाबदर किया है। पुलिस ने युवकों द्वारा दी गई जानकारी की जांच की तो सही निकली। गोवर्धन को उज्जैन जिले की सीमावर्ती जिले देवास, इंदौर, शाजापुर, रतलाम, मंदसौर, धार, आगर मालवा की राजस्व सीमाओं से निष्कासित किया गया था। पुलिस ने जिलाबदर के उल्लंघन में उसे गिरफ्तार कर लिया।
13 से अधिक अपराध दर्ज
पुलिस ने बताया कि पैर से दिव्यांग गोवर्धन के खिलाफ तराना थाने में मारपीट, शासकीय कार्य में बाधा सहित 13 अपराध पंजीबद्ध हैं। उसकी आपराधिक गतिविधियों के चलते ही जिलाबदर की कार्यवाही की गई थी।









