सिंहस्थ मेला कार्यालय का होगा स्थायी सेटअप, तैयारियों की शुरुआत

अक्षरविश्व न्यूज|उज्जैन। 12 साल में एक बार होने वाले सिंहस्थ आयोजन की सालभर गतिविधि जारी रखने के लिए मेला कार्यालय में स्थायी सेटअप की तैयारी की जा रही है। फिलहाल सिंहस्थ मेला कार्यालय उधारी के कर्मचारियों के भरोसे चल रहा है।

सिंहस्थ-2028 को यादगार बनाने के लिए सीएम डॉ. मोहन यादव ने खजाना खोल रखा है। पुल, ओवरब्रिज, फोरलेन-सिक्सलेन, मेडिसिटी और शिप्रा शुद्धिकरण के काम युद्ध स्तर पर चल रहे हैं। कार्यों की उच्च गुणवत्ता और स्वीकृति के लिए पहली बार संभागायुक्त को मेला अधिकारी का प्रभार दिया है। अब से पहले मेला अधिकारी या तो पृथक से होते थे या फिर नगर निगम कमिश्नर, जिला पंचायत सीईओ के पास ही मेला अधिकारी की जिम्मेदारी भी होती थी।
आशीष सिंह ने ज्वाइनिंग के बाद स्थितियों को तेजी से बदलना शुरू किया है। उन्होंने उज्जैन के अफसरों को तो जिम्मेदारी दी ही है, आसपास के जिले के अधिकारियों को भी नोडल अधिकारी बनाकर काम पर लगा दिया है। हर सप्ताह समीक्षा का दौर भी चल रहा है। इस सब स्थितियों के बीच ही वह सिंहस्थ मेला कार्यालय के सेटअप की तैयारी कर रहे हैं। सिंहस्थ मेला कार्यालय के लिए भवन तो है लेकिन कर्मचारी-अधिकारी नहीं। फिलहाल यह कार्यालय उधारी के कर्मचारियों से चल रहा है। ऐसे में सिंहस्थ की व्यवस्थाओं को पुख्ता करने के लिए स्थायी सेटअप बनाने की तैयारी चल रही है।
क्या हो सकता है सेटअप
उपमेला अधिकारी- राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसर यहां तैनात किए जा सकते हैं। यहां कार्यालय का प्रभार देख सकेंगे।
राजस्व अफसर- सिंहस्थ में सबसे बड़ी जरूरत जमीनों के आवंटन की होगी, ऐसे में राजस्व विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों की जरूरत होगी।
इंजीनियरिंग विभाग- श्रद्धालुओं की बेहतर व्यवस्था के लिए सडक़, पानी, सीवरेज, इलेक्ट्रिकल से जुड़े काम करने होंगे। इसके लिए पृथक इंजीनियरिंग विभाग की बनाने का प्लान है।
पुलिस अफसर- सिंहस्थ में क्राउड मैनेजमेंट और व्हीकल मैनेजमेंट की बड़ी चुनौती रहने वाले हैं। यह व्यवस्था पुलिस अफसर ही बेहतर कर सकते हैं। ऐसे में सिंहस्थ कार्यालय में क्राउड और ट्रैफिक मैनेजमेंट के विशेषज्ञ पुलिस अफसर की पदस्थी का प्लान है।
प्रस्ताव भेजा है…सिंहस्थ आयोजन बड़ा काम है। सिंहस्थ मेला कार्यालय का सेटअप तैयार किया जा रहा है। शासन को कर्मचारी-अधिकारियों की तैनाती का प्रस्ताव भेजा है।-आशीष सिंह, मेला अधिकारी एवं संभागायुक्त









