Popup Image
Advertisement

निजी निवेशक भी बना सकेंगे औद्योगिक पार्क, सरकार 50% अनुदान देगी : सीएम

मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस पर एमएसएमई कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 490 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि ट्रांसफर की

Advertisement

अक्षरविश्व न्यूज भोपाल। मध्यप्रदेश में अब निजी निवेशक भी औद्योगिक पार्क विकसित कर सकेंगे। राज्य सरकार इसके लिए विकास लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम 50 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर तक अनुदान देगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को प्रदेश के स्थापना दिवस पर आयोजित एमएसएमई कार्यक्रम में यह घोषणा की।

हर जिले में एक से अधिक औद्योगिक पार्क विकसित करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए निजी निवेशकों से प्रस्ताव आमंत्रित कर उन्हें मंजूरी दी जाएगी। साथ ही एमएसएमई के लिए अलग सरकारी कंपनी बनाने और दो महीने के भीतर सभी जिलों में नए औद्योगिक भूखंड उपलब्ध कराने की घोषणा भी की।

Advertisement

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 950 से अधिक एमएसएमई इकाइयों को 490 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि ट्रांसफर की। इस दौरान एमएसएमई मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप और विभाग के सचिव जॉन किंग्सली ए.आर. भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल सरकारी जमीन के भरोसे औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार नहीं किया जा सकता। इसलिए निजी क्षेत्र को भी औद्योगिक पार्क विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

कोई निजी निवेशक औद्योगिक पार्क बनाता है तो सरकार विकास लागत का 50त्न या अधिकतम 50 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर तक की सहायता देगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस योजना को केवल घोषणा तक सीमित न रखा जाए। हर जिले में एक से अधिक औद्योगिक पार्क विकसित करने के लिए प्रस्ताव आमंत्रित कर उन्हें मंजूरी दी जाए। इससे निजी निवेश के जरिए औद्योगिक अधोसंरचना तैयार होगी और छोटे उद्यमियों को उद्योग लगाने के लिए जगह मिल सकेगी।

Advertisement

2 महीने में नए भूखंड देने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के 55 जिलों में से आधे से अधिक जिलों में एमएसएमई के लिए औद्योगिक भूखंड उपलब्ध नहीं बचे हैं। उन्होंने दो महीने के भीतर सभी जिलों में नए भूखंड तैयार करने का लक्ष्य दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों के विस्तार का सबसे बड़ा आधार जमीन है। जमीन उपलब्ध नहीं होगी तो औद्योगिक गतिविधियों की गति प्रभावित होगी। उन्होंने सरकारी जमीन के साथ निजी औद्योगिक पार्क विकसित करने पर भी जोर दिया। यानी जमीन की कमी दूर करने के लिए सरकारी और निजी, दोनों क्षेत्रों की भागीदारी बढ़ाई जाएगी।

एमएसएमई के लिए बनेगी अलग सरकारी कंपनी

मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश एमएसएमई औद्योगिक विकास कंपनी बनाने की घोषणा की। यह राज्य शासन के पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी होगी। जिस तरह मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम बड़े उद्योगों के लिए काम करता है, उसी तरह नई कंपनी एमएसएमई क्षेत्र के विकास के लिए काम करेगी।

Related Articles

📢 पूरी खबर पढ़ने के लिए

बेहतर अनुभव के लिए ऐप का उपयोग करें

ऐप में पढ़ें
ऐप खोलें
ब्राउज़र में जारी रखें