Advertisement

एलिवेटेड ब्रिज तैयारी के साथ विरोध भी शुरू

चरक भवन के पास बैरिकेडिंग होने के बाद एकजुट हुए व्यापारी, रातों रात बैनर टांगे

Advertisement

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। शहर के पहले एलिवेटेड ब्रिज अब धरातल लाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसी बीच ब्रिज का विरोध भी शुरू हो गया है और इंदौर गेट क्षेत्र में रातों रात ब्रिज के विरोध में पोस्टर टांग दिए गए हैं।

सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच सबसे अहम ट्रैफिक प्रोजेक्ट पर निर्माण कार्य ने गति पकड़ ली है। आगर रोड पर मकोडिय़ा आम इंदिरा नगर से इंदौर गेट होते हुए हरिफाटक फ्लायओवर तक बनने वाले 3.536 किलोमीटर लंबे चार लेन एलिवेटेड कॉरिडोर की सॉइल टेस्टिंग पूरी होने के बाद अब प्रारंभिक निर्माण गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं। इसी कड़ी में चरक भवन के सामने करीब 100 मीटर हिस्से में सड़क के आधे भाग को बंद करके स्थायी बैरिकेडिंग का काम शुरू कर दिया गया है।

Advertisement

प्रोजेक्ट एक नजर में

  • लंबाई- 3.536 किलोमीटर
  • स्ट्रक्चर- चार लेन एलिवेटेड कॉरिडोर
  •  शुरुआत- मकोडिया आम आगर रोड
  • समाप्त-हरिफाटक
  • अनुमानित टेंडर लागत- 416.37 करोड़ रुपए
  •  काम – सॉइल टेस्टिंग के बाद बैरिकेडिंग और फाउंडेशन बोरिंग
  • मुख्य लक्ष्य- सिंहस्थ के दौरान यातायात दबाव को कम करना

क्या कहते हैं व्यापारी

Advertisement

 मिठाई विक्रेता मंगलेश जैन ने बताया ब्रिज की जरूरत ही नहीं है। टू लेन ब्रिज बनाने की घोषणा की थी परंतु फोर लेन बन रहा है और जमीन अधिग्रहित की जा रही है।

लाज संचालक विवेक सक्सेना ने बताया क्षेत्र में करीब 200 दुकानें है। यहां 70 हजार रुपए स्केवयर फीट पर भी जमीन नहीं है। 20 फीट और जगह कहां से दें।

होटल संचालक संजय राठौड़ ने बताया वे यहां किराएदार हैं। 20 फीट जमीन देने पर जगह कम हो जाएगी। होटल कैसे चलाएंगे।

 सैलून संचालक रविराज भाटी ने बताया वे यहां 1972 से दुकान चला रहे हैं। अब 10 फीट की दुकान में सैलून नहीं चल पाएगा।

पिछले सिंहस्थ में दे चुके हैं 20 फीट जमीन

इं दौर गेट क्षेत्र के व्यापारियों का कहना है कि पिछले सिंहस्थ में 20 फीट जमीन दे चुके हैं। अब एलिवेटेड ब्रिज के नाम पर फिर 20 फीट जमीन मांगी जा रही है। प्लॉट ही 50 फीट का है। बची हुई 10जमीन पर धंधा-व्यवसाय कैसे करेंगे। व्यवसायियों की ओर से केस लडऩे वाले अभिभाषक विवेक ठाकुर ने बताया पिछले सिंहस्थ में 30 मीटर चौड़ी सड़क बनाई है। दोबारा चौड़ीकरण की आवश्यकता नहीं है। क्षेत्र में एलिवेटेड ब्रिज की जरूरत ही नहीं है। दोनों तरफ के स्टेशन के बाहर 100-100 फीट चौड़ी सड़क है। यातायात व्यवस्था ठीक नहीं है इसलिए जाम लगता है।

ब्रिज के फायदे : ट्रैफिक पैटर्न में बदलाव आएगा
चार लेन एलिवेटेड कॉरिडोर के बनने से शहर के प्रमुख व्यस्त मार्गों पर यातायात का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा। लंबी दूरी का यातायात ऊपर से गुजर सकेगा, जबकि नीचे की सड़क का उपयोग स्थानीय आवागमन के लिए किया जा सकेगा।

सिंहस्थ के पहले पूरा करेंगे दोनों ब्रिज का काम
शासन ने मकोडिय़ा आम और बुधवारिया से दो एलिवेटेड ब्रिज हरिफाटक तक बनाने का काम शुरू कर दिया है। दोनों ब्रिज का टेंडर एक ही है और दोनों का काम शुरू होने वाला है। सिंहस्थ के पहले इसे पूरा कर लिया जाएगा। ब्रिज की डिजाइन पूर्वानुसार ही है। रेलवे की जमीन नहीं ली जा सकती।
– अवनींद्र सिंह
कार्यपालन यंत्री, पीडब्ल्यूडी सिंहस्थ

Related Articles

📢 पूरी खबर पढ़ने के लिए

बेहतर अनुभव के लिए ऐप का उपयोग करें

ऐप में पढ़ें
ऐप खोलें
ब्राउज़र में जारी रखें