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निगम को राहत : आज शाम तक शिफ्ट होंगे खड़े हनुमान और टकसाली गणेश मंदिर

कंठाल चौराहा पर रातोंरात संकट मोचन हनुमान मंदिर का ओटला बना

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कं ठाल चौराहा- छत्रीचौक मार्ग चौड़ीकरण के दायरे में आ रहे हैं दोनों मंदिर, पुजारी परिवार सहमत

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। मार्ग चौड़ीकरण मसले में समस्या बन रहे धर्मस्थल मामलों में नगरनिगम की मुश्किल अब कम होने लगी है। गुरुवार की सुबह टकसाली गणेश और खड़े हनुमान मंदिर की शिफ्टिंग का रास्ता साफ हो गया है। अगर सबकुछ ठीक रहा तो शाम तक दोनों मंदिर नई जगह पर जा सकते हैं।
इधर, कंठाल चौराहे पर बुधवार रात जमीन की नपती के बाद यह तय हो गया है कि संकट मोचन हनुमानजी, कंठाल चौराहे के मंदिर में ही विराजित होंगे। यहां मंदिर का ओटला भी हाथोंहाथ बना दिया गया तथा चित्र रखकर पूजन भी कर दिया है। मंदिर बनने पर मूर्ति भी यहीं स्थापित होगी। चर्चा इस बात की भी है कि पास ही से विस्थापित गणेशजी के मंदिर की प्रतिमा भी यहीं स्थापित की जाएगी। इधर खड़े हनुमान मंदिर के पुजारी को निगम प्रशासन से लेटर मिल गया है।

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पुजारी पत्र की कानूनी जांच करवा रहे हैं ऐसे में खड़े हनुमान मंदिर के साथ टकसाली गणेश मंदिर भी शिफ्ट होने की उम्मीद बंध गई है। दरअसल, कंठाल चौराहा- छत्री चौक मार्ग चौड़ीकरण के दायरे में कंठाल के पास स्थित संकट मोचन हनुमान और गणेश मंदिर को विस्थापित किया गया था। मंदिर की जमीन को लेकर विवाद चल रहा था।

नगर निगम के अधिकारियों की आपत्ति थी कि मंदिर की जमीन आगे बढ़ाकर बताई जा रही है। जबकि शेष भूमि नगर निगम के आधिपत्य की है। मंदिर की जगह को नगर निगम की जमीन बताने पर बुधवार रात करीब 9:30 बजे जमीन की नपती कराई गई। इस दौरान क्षेत्र के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे। नपती में मंदिर की जमीन दावे से अधिक निकली। ऐसे में नपती के बाद लोगों ने यहां ओटला बना दिया है। ओटले पर चित्र स्थापित कर दिया है। जल्दी ही प्रतिमा की स्थापना भी की जाएगी।

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अपरआयुक्त ने सौंपे जमीन के कागज

सती गेट और आगे चौराहे के बीच सड़क पर खड़े हनुमान और टकसाली गणेश जी मंदिर की शिफ्टिंग भी कभी भी हो सकती है। नगरनिगम के अपर आयुक्त संतोष टैगोर ने पुजारी महेश बैरागी को नई जमीन से जुड़े कागज सौंप दिए हैं।

पुजारी महेश बैरागी ने बताया कि निगम से जमीन के मालिकाना हक से जुड़े कागज मिल गए हैं। इसका कानूनी परीक्षण करवा रहे हैं। अगर सबकुछ ठीक रहा तो दोनों मंदिर नई जगह पर शिफ्ट किए जाएंगे।

गौरतलब है कि पिछले दिनों मुहूर्त देखकर विधि-विधान से पूजन किए बगैर नगर निगम ने मूर्ति हटाने का प्रयास किया था। इसपर लोगों में आक्रोश फैला और बड़ी संख्या में भीड़ एकत्रित हो गई थी। यह आरोप भी था कि खड़े हनुमानजी के मंदिर को टंकी के नीचे शिफ्ट किया जा रहा है परंतु वहां के कोई दस्तावेज भी पुजारी को नहीं दिए हैं। लोगों के आक्रोश को देखते हुए नगर निगम ने शिफ्टिंग का काम स्थगित कर दिया था।

ये है योजना

पार्षद पति मोहित जायसवाल ने बताया मंदिर की 16 इंच की दीवार है। इसे छीलकर 6 इंच की बनाएंगे। शेष 10 इंच भूमि और आगे की डेढ़ फीट जमीन पर हनुमानजी की प्रतिमा स्थापित होगी। पूर्व निगम अध्यक्ष आजाद यादव ने बताया यह आस्था का विषय है। यहां राजनीति से ऊपर उठकर लोग काम कर रहे हैं। लोगों में यह भ्रम था कि नाले के ऊपर मूर्ति बिठाएंगे जो गलत है। नाले के बाद भी प्रतिमा स्थापना के लिए पर्याप्त जमीन है। मूर्ति इसी जमीन पर बिठाएंगे। जायसवाल ने बताया कंठाल चौराहे और सतीगेट के बीच गणेश मंदिर भी टूटा है। इस मंदिर की प्रतिमा मनकामनेश्वर महादेव मंदिर में रखी है जहां नियमित पूजन हो रहा है। हनुमान मंदिर बनने पर गणेशजी की प्रतिमा भी यहीं विराजित की जाएगी।

शाम तक दोनों मंदिर नई जगह शिफ्ट हो जाएंगे
पुजारी परिवार ने खड़े हनुमान और टकसाली गणेश मंदिर को शिफ्ट करने की सहमति दे दी है। गुरुवार शाम तक मंदिर शिफ्ट हो जाएंगे। चौड़ीकरण काम में पूरा शहर जिस तरह से सहयोग कर रहा है, वह अतुलनीय है। सिंहस्थ के लिए ऐसा जज्बा उज्जैनवासी ही रख सकते हैं।
रौशनकुमार सिंह, कलेक्टर

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