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एक और सडक़ पर लगे लाल निशान, रहवासी नाराज

सडक़ की चौड़ाई पर विवाद, मामला-जूना सोमवारिया से इमली तिराहे तक निर्माण का

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उज्जैन। पीपलीनाका से भैरवगढ़ रोड और पीपलीनाका से ओखरेश्वर श्मशान घाट तक सडक़ के बाद अब जूना सोमवारिया से पीपलीनाका होते हुए इमली तिराहे तक सडक़ की चौड़ाई पर भी विवाद खड़ा हो गया है। 1.7 किमी लंबी इस सडक़ की उज्जैन विकास प्राधिकरण ने 30 मीटर चौड़ाई के मान से नपती कर डाली है, जबकि रहवासी 24 मीटर ही चौड़ाई रखे जाने की मांग कर रहे हंै। विवाद के बीच प्राधिकरण ने यहां मकानों पर लाल निशान लगा दिए हैं।

जूना सोमवारिया से पीपलीनाका तक की सडक़ की लंबाई करीब 1.2 किलोमीटर है, इसके आगे इमली तिराहे तक की कुल लंबाई 1.7 किलोमीटर मापी गई है। लोक निर्माण विभाग के स्वामित्व वाली इस सडक़ पर चौड़ीकरण और निर्माण संबंधी काम विकास प्राधिकरण को सौंपा गया है। प्राधिकरण से इस काम के टेंडर भी हो चुके हंै, केवल ठेकेदार को वर्क आर्डर जारी करना और अनुबंध करना शेष रह गया है। गत एक सप्ताह से विकास प्राधिकरण के अधिकारी-कर्मचारी इस रोडपर मकानों की नपती के काम में लगे हंै, अधिकांश घरों पर लाल निशान लगा दिए गए है।

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तीन बार कट चुकी सडक़, विरोध तो होना ही था: जूना सोमवारिया से पीपलीनाका के बीच की सडक़ सिंहस्थ 92, 2004 और 2016 से पहले तीन बार कट चुकी है। अब इस सडक़ के किनारे मकानों को फिर से काटने की तैयारी है, यही वजह है कि इस बार इलाके के रहवासी ही विरोध में आ गए है। राजनैतिक स्तर पर बातचीत के जरिए यह मसला सुलझाने की कवायद हो रही है। सडक़ पर करीब 80 मकान ऐसे हंै जो प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सरकारी मदद से बने हैं।

काम शुरू हुआ किसने किया कोई जवाब नहीं
जूना सोमवारिया से पीपलीनाका के बीच खाली जगहों पर सडक़ की चौड़ाई बढ़ाने का काम शुरू भी हो चुका है। तिलकेश्वर मंदिर के सामने वाले भाग में मंगलवार से मशीनें लगाकर घाटी काटने का काम शुरू किया गया। खास बात यह है कि विकास प्राधिकरण ने फिलहाल न तो ठेकेदार फर्म के साथ अनुबंध किया है न ही वर्क आर्डर जारी किया है, फिर चौड़ाई बढ़ाने का काम किसने शुरू किया? इसका जवाब प्राधिकरण अधिकारियों के पास भी नहीं है।

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