
महाराष्ट्र के परभणी जिले में शनिवार को एक बड़ा हादसा हो गया। मानवत तालुका स्थित यशवाड़ी देवस्थान परिसर में हनुमान जी के मारुति मंदिर के पास बने सभामंडप की छत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के समय मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे, जिससे अफरा-तफरी मच गई।

कीर्तन और महाप्रसाद के दौरान हुआ हादसा
शनिवार होने के कारण मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी थी। यहां कीर्तन और महाप्रसाद का आयोजन चल रहा था। इसी दौरान गर्भगृह के सामने बन रहे सभामंडप की छत अचानक ढह गई, जिसके नीचे कई लोग दब गए।
20 से 40 लोगों के दबे होने की आशंका
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मलबे में फंस गए। विभिन्न रिपोर्टों में 20 से 40 लोगों के दबे होने की आशंका जताई गई है। घटना के बाद स्थानीय लोगों, पुलिस और प्रशासन ने तुरंत राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया।
कई श्रद्धालु घायल, अस्पताल में भर्ती
हादसे में घायल हुए श्रद्धालुओं को तत्काल उपचार के लिए परभणी जिला सामान्य अस्पताल और आसपास के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में भेजा गया है। घायलों की संख्या लगातार बढ़ने की संभावना जताई जा रही है क्योंकि बचाव कार्य अभी भी जारी है।

मौतों की खबर, लेकिन आधिकारिक पुष्टि नहीं
कुछ प्रारंभिक रिपोर्टों में श्रद्धालुओं की मौत की आशंका भी जताई गई है। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक किसी भी मृतक की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। अधिकारियों का कहना है कि राहत कार्य पूरा होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
युद्धस्तर पर चल रहा बचाव अभियान
पुलिस, आपदा राहत दल और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद हैं। मलबा हटाने के लिए मशीनों और बचाव उपकरणों की मदद ली जा रही है। अधिकारियों का प्राथमिक लक्ष्य मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है।
प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने की अपील की
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करें और आधिकारिक जानकारी का इंतजार करें। घटना की जांच भी शुरू कर दी गई है, ताकि छत गिरने के कारणों का पता लगाया जा सके।








