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महाकाल अन्नक्षेत्र के सेकंड फ्लोर पर भी भोजन परोसना शुरू

कलेक्टर ने दिए थे जल्द शुरू करने के निर्देश, 26 जनवरी से हुई शुरुआत

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अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर का अन्नक्षेत्र अपने आप में अनूठा है। यहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं को भोजन परोसा जाता है। इसके लिए उनके कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। उन्हें मंदिर परिसर से केवल कूपन लाना होता है। अन्नक्षेत्र के प्रथम तल के हॉल में एक बार में 376 श्रद्धालु एक साथ बैठकर भोजन कर सकते हैं।

इतनी ही क्षमता का हॉल सेकंड फ्लोर पर भी मौजूद है जिसे श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए २६ जनवरी से शुरू कर दिया गया है। कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने इसे जल्द से जल्द शुरू करने के निर्देश दिए थे। इन दिनों श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ रही है जिसके चलते सेकंड फ्लोर पर बने हॉल का इस्तेमाल भी किया जा रहा है। वर्तमान में दिनभर में करीब ६ हजार श्रद्धालुओं को भोजन परोसा जा रहा है।

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प्लेट लेकर बैठते हैं बेंच पर

प्रथम तल की तरह ही सेकंड फ्लोर पर भी बैठक व्यवस्था है। यहां आने वाले श्रद्धालु हॉल में प्रवेश करते हैं और सीधे प्लेट उठाकर अपने स्थान पर बैठते हैं। इसके बाद कर्मचारियों श्रद्धालुओं को श्रद्धा के साथ भरपेट भोजन परोसते हैं। हॉल के समीप ही पीने के पानी के लिए आरओ भी लगा हुआ है। रोज शाम ५ से ६ बजे तक सफाई और भोजन बनाने के लिए अन्न क्षेत्र को बंद रखा जाता है।

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600 लोगों को भोजन बनाकर भेजा जा रहा

अन्नक्षेत्र प्रभारी मिलिंद वैद्य ने बताया कि श्रद्धालुओं को भोजन करवाने के अलावा अन्नक्षेत्र में दीनदयाल योजना के तहत 600 लोगों को भोजन तैयार कर भेजा जा रहा है। भोजन लेने के लिए दीनदयाल योजना का रथ और अन्य वाहन आते हैं जिसमें १६ कंटेनर रखकर भेजे जाते हैं। इसके बाद यह भोजन अलग-अलग क्षेत्रों में बांटा जाता है।

2004 में हुई थी शुरुआत

श्री महाकालेश्वर अन्नक्षेत्र की शुरुआत वर्ष 2004 में सिंहस्थ महापर्व के दौरान मंदिर के पीछे महाकाल धर्मशाला के पास हुई थी। उस समय रोज 100 से 150 श्रद्धालु भोजन करते थे। 20 सालों के बाद अब भव्य अन्नक्षेत्र हजारों श्रद्धालुओं को प्रतिदिन भोजन उपलब्ध करवा रहा है।

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