मोहर्रम के जुलूस में हुई घटना पर शहरकाजी ने जताई चिंता, निष्पक्ष जांच की मांग की, एडीजी ने किया दौरा

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। जीवाजीगंज थाना क्षेत्र के खजूर वाली मस्जिद के पास मोहर्रम के दौरान हुई एक घटना को लेकर शहर काजी खलीक-उर-रहमान ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने इस पूरे मामले की कड़ी निंदा करते हुए निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है।
शहर काजी ने अपने बयान में कहा कि उन्हें इस घटना का बेहद अफसोस है और ऐसी किसी भी घटना को अंजाम देने से पहले परंपरागत तरीकों और पूर्व में हुई घटनाओं पर गौर करना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे मामलों में समुदाय के लोगों को विश्वास में लेना चाहिए और उनकी सहमति के बाद ही कोई निर्णय लेना चाहिए। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है और इसकी पवित्रता बनाए रखना आवश्यक है।

उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इस घटना की पूरी जांच होनी चाहिए ताकि दोषी व्यक्तियों को सजा मिल सके। इसके साथ ही, उन्होंने सोशल मीडिया पर इस माहौल को खराब करने की कोशिश कर रहे लोगों के खिलाफ भी प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। शहर काजी ने उज्जैन की गंगा-जमुनी तहजीब को बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शहर की शांति और सौहाद्र्र को खराब करने वाली किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर भी चिंता व्यक्त की कि इस तरह की घटनाएं हिंदू समाज पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती हैं, जो मुस्लिम समाज के साथ मिलकर रहते हैं।
खजूर वाली मस्जिद पहुंचे
मोहर्रम के दिन हुई घटना के बाद एडीजी उमेश जोगा ने पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा के साथ खजूरी वाली मस्जिद इलाके का दौरा किया। यहां उन्होंने कई लोगों से बात भी की। बताया गया कि इरफान खान उर्फ लल्ला व अन्य साथी घोड़ा लेकर अब्दालपुरा की ओर बढ़ रहे थे। भीड़ ने बैरिकेट्स तोड़ दिए। एएसआई तंवर सिंह केलवा, प्रधान आरक्षक मुकेश मुनिया, चंद्रपाल, अनिल सिसौदिया, श्याम वरण आदि घायल हो गए। पुलिस सीसीटीवी कैमरे देख रही है।









