शापूर जादरान का निधन: अफगानिस्तान क्रिकेट के हीरो नहीं रहे

शापूर जादरान का निधन: अफगानिस्तान क्रिकेट ने खोया अपना पहला हीरो
Shapoor Zadran Death: अफगानिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज शापूर जादरान का 38 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वह पिछले कई महीनों से हेमोफैगोसाइटिक लिम्फोहिस्टियोसाइटोसिस (HLH) नामक दुर्लभ और गंभीर इम्यून सिस्टम बीमारी से जूझ रहे थे। दिल्ली-एनसीआर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान 7 जुलाई 2026 को उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की पुष्टि अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) ने की।

दुर्लभ बीमारी से हार गए जिंदगी की जंग
शापूर जादरान HLH (Hemophagocytic Lymphohistiocytosis) नामक दुर्लभ बीमारी के एडवांस स्टेज से पीड़ित थे। इस बीमारी में शरीर का इम्यून सिस्टम अत्यधिक सक्रिय होकर अपने ही अंगों को नुकसान पहुंचाने लगता है। लंबे इलाज के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
अफगानिस्तान क्रिकेट के शुरुआती सितारों में थे शापूर
शापूर जादरान उन खिलाड़ियों में शामिल थे जिन्होंने अफगानिस्तान क्रिकेट को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। तेज गेंदबाजी और आक्रामक अंदाज के कारण वह टीम के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में गिने जाते थे।
अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि शापूर ने अपने समर्पण और जुनून से देश में क्रिकेट की मजबूत नींव रखी।
2015 वर्ल्ड कप की ऐतिहासिक जीत के हीरो
शापूर जादरान का नाम हमेशा 2015 वनडे वर्ल्ड कप की उस ऐतिहासिक जीत के लिए याद किया जाएगा, जब उन्होंने स्कॉटलैंड के खिलाफ विजयी चौका लगाकर अफगानिस्तान को विश्व कप इतिहास की पहली जीत दिलाई थी। जीत के बाद मैदान पर उनका जश्न आज भी क्रिकेट प्रशंसकों के लिए यादगार है।
एक दशक का शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर
शापूर जादरान ने 2009 से 2020 के बीच अफगानिस्तान के लिए:
- 44 वनडे मैच खेले
- 43 विकेट लिए
- 36 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले
- 37 विकेट अपने नाम किए
करीब 6 फीट लंबे शापूर जादरान अपनी तेज रफ्तार गेंदबाजी और लंबे रन-अप के लिए मशहूर थे। वह पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर को अपना आदर्श मानते थे।
क्रिकेट जगत में शोक
शापूर जादरान के निधन से अफगानिस्तान क्रिकेट और दुनियाभर के क्रिकेट प्रेमियों में शोक की लहर है। संघर्ष से सफलता तक का उनका सफर आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा बना रहेगा।









