नगर परिषद कर्मचारी की हादसे में मौत, पीछे बैठी सहायिका घायल

गंभीर घायल सहायिका को भी एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने पर निजी वाहन से उज्जैन ले जाना पड़ा
अक्षरविश्व न्यूज उन्हेल। उज्जैन के उन्हेल शहर में उन्हेल-नागदा रोड पर गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे एक हादसे में 55 साल के उन्हेल नगर परिषद कर्मचारी बाबूलाल परमार की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे में बाइक पर सवार आंगनवाड़ी सहायिका सोनम माली गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें प्राथमिक इलाज के बाद उज्जैन जिला अस्पताल भेजा गया है।
जानकारी के अनुसार, मृतक नगर परिषद कर्मचारी और घायल आंगनवाड़ी सहायिका उन्हेल के ही किसी वार्ड में शाम को दीपोत्सव के लिए दीये वितरित करने जा रहे थे, मौके पर दीये बिखरे हुए मिले हैं।
जानकारी के अनुसार, बाबूलाल परमार बाइक से जा रहे थे। तभी पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे की खबर मिलते ही उन्हेल थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और जांच शुरू की। घटना की जानकारी मिलने पर नगर परिषद अध्यक्ष और सीएमओ भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बाबूलाल परमार के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घायल सोनम माली को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
चालक मौके से भागा
हादसे के बाद ट्रक चालक गाड़ी को मौके पर ही छोड़कर भाग गया। उन्हेल पुलिस ने ट्रक जब्त कर लिया है। पुलिस ने केस दर्ज कर फरार चालक की तलाश शुरू की है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।
सीसीटीवी आया सामने
हादसा सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गया है। फुटेज में दिखा कि पीछे से आ रहे ट्रक ने बाइक सवारों को टक्कर मारी और उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। वीडियो सामने आने के बाद पूरी जानकारी सामने आई है।
पहले दामाद, अब ससुर सड़क दुर्घटना
तीन साल पहले मृतक की मंझली बेटी ज्योति के पति अभिषेक की सड़क हादसे में मौत हुई थी। अब बाबूलाल ने भी सड़क हादसे में जान गंवा दी। नगर परिषद की राजस्व शाखा में पदस्थ बाबूलाल के परिवार में पत्नी, दो बेटे और बेटी ज्योति है। बड़ा बेटा ओमप्रकाश चिकित्सक और छोटा बेटा विजय अतिथि शिक्षक है। पति की मौत के बाद बेटी ज्योति अपनी बेटी के साथ मायके में रह रही थी, वह भी अतिथि शिक्षक है।
हादसे का दूसरा संयोग भी झकझोरने वाला है। सेवा संकल्प अभियान के प्रचार के लिए वार्ड 15 में जा रहे बाबूलाल की बाइक पर कुछ दूरी पहले बस स्टैंड से आंगनवाड़ी सहायिका सोनम बैठी थीं और थोड़ी ही आगे उज्जैन-जावरा हाईवे पर हादसा हो गया। इस में सोनम का दाहिना पैर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। 90 किलोमीटर लंबे इस हाईवे पर फरवरी तक 25 से ज्यादा लोग जान गंवा चुके हैं। इससे पहले 15 जून को इसी हाईवे पर गांव पालकी में राजेंद्र उर्फ रोहित पडि़हार की मौत हो चुकी है।
आधे घंटे तक एंबुलेंस का इंतजार-हादसे के बाद घायलों को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस को सूचना दी गई, लेकिन आधे घंटे तक एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। दोनों घायलों को डायल-112 से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। तब तक नपकर्मी दम तोड़ चुके थे। गंभीर घायल सहायिका को भी एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने पर निजी वाहन से उज्जैन ले जाना पड़ा।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर एंबुलेंस और जननी एक्सप्रेस स्वीकृत होने के बावजूद वर्तमान में उपलब्ध नहीं हैं। बीएमओ डॉ. संजीव कुमरावत ने बताया कि पहले स्थानीय स्तर पर वाहन उपलब्ध रहते थे, लेकिन अब जिला स्तर से संचालन होने के कारण हर समय वाहन उपलब्ध नहीं रहता। उन्होंने इमरजेंसी में मरीजों को समय पर सुविधा देने के लिए एंबुलेंस व्यवस्था सुचारू कराने की मांग करने की बात कही।









