सोने-चांदी के दामों में उछाल, सोना 1.46 लाख रुपये के करीब पहुंचा

भारतीय सर्राफा बाजार में आज यानी 3 जुलाई को लगातार चौथे दिन सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी दर्ज की गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी किए गए नए आंकड़ों के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत में 3,104 रुपए की भारी बढ़ोतरी हुई है, जिसके बाद यह 1,46,107 रुपए के स्तर पर पहुंच गया है। इससे ठीक एक दिन पहले यानी गुरुवार को बाजार में इसकी कीमत 1,43,003 रुपए प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई थी।

सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी आज बड़ा उछाल देखने को मिला है। बाजार में एक किलोग्राम चांदी का भाव 4,504 रुपए बढ़कर 2,33,354 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गया है। इससे पहले 2 जुलाई को इसकी कीमत 2,28,850 रुपए प्रति किलो थी। अगर पिछले चार दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो सोना कुल 4,686 रुपए और चांदी 13,374 रुपए तक महंगी हो चुकी है, जबकि इस हफ्ते के शुरुआत में यानी सोमवार को सोना 1.41 लाख रुपए और चांदी 2.2 लाख रुपए के स्तर पर कारोबार कर रही थी।
जानिए देश के अलग-अलग शहरों में सोने के दाम अलग होने की 4 मुख्य वजहें
अक्सर देखा जाता है कि देश के अलग-अलग राज्यों और शहरों में सोने के भाव में अंतर होता है। इसकी पहली मुख्य वजह ट्रांसपोर्टेशन और सुरक्षा खर्च है; एक शहर से दूसरे शहर तक सुरक्षित तरीके से सोना ले जाने में ईंधन और सुरक्षा का अतिरिक्त खर्च जुड़ता है, जिससे दूरी बढ़ने पर दाम बढ़ जाते हैं। दूसरी वजह खरीदारी की मात्रा है; दक्षिण भारत में देश की कुल खपत का करीब 40% हिस्सा होने के कारण वहां के ज्वेलर्स बहुत बड़ी मात्रा में खरीद करते हैं, जिससे उन्हें मिलने वाले सीमित डिस्काउंट का असर स्थानीय कीमतों पर दिखाई देता है।
तीसरी बड़ी वजह लोकल ज्वेलरी एसोसिएशन की नीतियां हैं; हर राज्य और शहर के ज्वेलरी एसोसिएशन स्थानीय मांग और सप्लाई के समीकरण के आधार पर प्रतिदिन अपने स्तर पर रेट तय करते हैं। इसके अलावा चौथी वजह ज्वेलर्स का पुराना स्टॉक और उनका खरीद मूल्य है; ज्वेलर्स ने पुराना स्टॉक किस रेट पर खरीदा था, यह सीधे तौर पर तय करता है कि वे वर्तमान में अपने ग्राहकों को किस कीमत पर जेवर बेचेंगे।
साल 2026 में अब तक सोना ₹12,908 और चांदी ₹2,934 हुई महंगी
साल 2026 में सोने और चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव का दौर देखने को मिल रहा है। इस साल अब तक सोने की कीमत में 12,908 रुपए और चांदी में 2,934 रुपए की बढ़ोतरी हो चुकी है। बीते साल 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोने का भाव 1.33 लाख रुपए था, जो अब बढ़कर 1.46 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी जो 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए प्रति किलो थी, वह अब 2.33 लाख रुपए पर आ गई है; गौरतलब है कि इसी साल 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का अपना नया ऑलटाइम हाई रिकॉर्ड भी बनाया था।
केंद्र सरकार ने इंपोर्ट ड्यूटी को 6% से बढ़ाकर किया 15%
सोने और चांदी की बढ़ती कीमतों के पीछे सरकारी नीतियों का भी बड़ा हाथ है। केंद्र सरकार ने मई 2026 में सोने और चांदी के आयात (इंपोर्ट) पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी को 6% से बढ़ाकर सीधा 15% कर दिया था। सरकार के इस कड़े कदम का मुख्य मकसद विदेशों से होने वाली अनावश्यक खरीद को कम करना और देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ रहे भारी दबाव को घटाना है। इस नई व्यवस्था के तहत सरकार ने सोने पर 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5% एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) लगाया है, जिससे कुल प्रभावी टैक्स 15% हो गया है; जबकि इससे पहले साल 2024 के बजट में इसे घटाकर 6% किया गया था।
विदेशों से जेवर मंगाने के लिए अब लेना होगा विशेष सरकारी लाइसेंस
इसके अलावा, सरकार ने एक और बड़ा नीतिगत बदलाव करते हुए सोने, चांदी और प्लेटिनम के गहनों के आयात को ‘फ्री’ कैटेगरी से हटाकर ‘रिस्ट्रिक्टेड’ यानी प्रतिबंधित कैटेगरी में डाल दिया है। इस फैसले का सीधा असर घरेलू बाजार की सप्लाई चेन पर दिख रहा है, जिससे कीमतों को सपोर्ट मिल रहा है। विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) द्वारा जारी आधिकारिक नोटिफिकेशन के मुताबिक, अब इन कीमती धातुओं से बनी किसी भी प्रकार की ज्वेलरी को विदेश से मंगाने के लिए सरकार से विशेष लाइसेंस या पूर्व परमिशन लेना अनिवार्य होगा; सरकार ने यह कदम कुछ देशों के साथ हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए उठाया है।
ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय हमेशा ध्यान रखें ये 2 बेहद जरूरी बातें
यदि आप बाजार में सोना खरीदने जा रहे हैं, तो हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। यह हॉलमार्क पूरी तरह अल्फान्यूमेरिक कोड के रूप में होता है, जिससे सोने की शुद्धता और कैरेट का सटीक पता चलता है। इसके साथ ही, खरीदारी के दिन सोने का सही वजन और उसकी आधिकारिक कीमत को इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट जैसे विश्वसनीय सोर्सेज से क्रॉस चेक जरूर करें, क्योंकि बाजार में 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से कीमतें अलग-अलग तय होती हैं।
घर पर असली चांदी की पहचान करने के 4 आसान और घरेलू तरीके
बाजार से खरीदी गई चांदी असली है या नकली, इसकी पहचान आप घर बैठे 4 आसान तरीकों से कर सकते हैं। पहला है मैग्नेट टेस्ट; चूंकि असली सिल्वर चुंबकीय धातु नहीं है, इसलिए वह चुंबक से बिल्कुल नहीं चिपकती। दूसरा आइस टेस्ट है; अगर आप चांदी के टुकड़े पर बर्फ का टुकड़ा रखेंगे, तो असली चांदी की उच्च तापीय चालकता के कारण बर्फ बहुत तेजी से पिघलने लगेगी। इसके अलावा स्मेल टेस्ट के जरिए भी पहचान होती है क्योंकि असली चांदी में कोई गंध नहीं होती, जबकि नकली चांदी में कॉपर की महक आती है; और आखिरी क्लॉथ टेस्ट के तहत चांदी को सफेद सूती कपड़े से रगड़ने पर अगर कपड़े पर काला निशान आ जाए, तो चांदी असली मानी जाती है।









