मौत बनकर दौड़ी थार: 50 फीट नीचे गिरी, 4 युवक-युवती हुए लहूलुहान

एयरबैग से बची जिंदगी… नशे के नशेब में स्टंट की आशंका
अक्षरविश्व न्यूज इंदौर। सन्नाटे से घिरी शहर की सड़कों पर रईसजादों की बेलगाम रफ्तार ने बीती रात फिर एक रूह कंपा देने वाले खूनी मंजर को दावत दे दी। राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र स्थित प्रतीक सेतु ब्रिज पर बीती रात करीब 3:30 बजे हवा से बातें कर रही एक बेकाबू ब्लैक थार काल बनकर दौड़ी और पुल की मजबूत लोहे-सीमेंट की रेलिंग को तिनके की तरह उड़ाते हुए सीधे 50 फीट नीचे जा गिरी। कानफोड़ू धमाके के साथ नीचे गिरते ही थार हवा में कई गुलाटियां खाकर पूरी तरह कबाड़ में तब्दील हो गई। हादसे के वक्त कार में सवार दो युवक और दो युवतियां पिचक चुकी लोहे की चादरों और मलबे के बीच जिंदगी और मौत से जूझते हुए लहूलुहान हालत में अंदर ही दब गए।
अन्नपूर्णा से बिजलपुर की तरफ जा रही थार की गति इतनी भयावह थी कि मोड़ पर चालक का स्टीयरिंग से नियंत्रण पूरी तरह छूट गया। रेलिंग से टकराते ही धमाके की आवाज दूर तक गूंजी, जिसके बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। गनीमत रही कि जबर्दस्त संघात के साथ ही गाड़ी के एयरबैग समय पर खुल गए, जिसने चारों सवारों को तत्काल काल के गाल में समाने से बचा लिया। घायलों की शिनाख्त आरती (25), अभिजीत (20), आदित्य और लावण्या के रूप में हुई है। आधी रात का वक्त होने के चलते ब्रिज के नीचे कोई राहगीर या वाहन मौजूद नहीं था, वरना यह खूनी तांडव कई मासूम जिंदगियों को भी अपनी चपेट में ले लेता।
नशे में अंधी दौड़… ? मेडिकल रिपोर्ट पर टिकी नजर
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक रात के सन्नाटे में थार सवार खतरनाक गति में स्टंटबाजी की तर्ज पर गाड़ी दौड़ा रहे थे। एसीपी निधि सक्सेना ने बताया कि घायलों को बेहद नाजुक हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत चिंताजनक बनी हुई है। पुलिस इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही है कि क्या चालक शराब के नशे में धुत था। इसके लिए डॉक्टरों से ब्लड सैंपल की जांच कराई जा रही है। साथ ही घटना से पहले गाड़ी कहां से निकली और किस गति में थी, इसका सच उगलवाने के लिए पूरे रूट के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। शहर में देर रात बेखौफ दौडऩे वाले ऐसे रईसजादों पर पुलिस की ढिलाई को लेकर भी अब सवाल खड़े हो रहे हैं।
चलती कार में लगी आग ड्राइवर 60 फीसदी झुलसा
अक्षरविश्व न्यूज इंदौर। व्यस्त चोइथराम चौराहे पर शनिवार दोपहर चलती पुरानी कार में अचानक शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई। लपटें उठते ही कार के दरवाजे ऑटो लॉक हो गए और खिड़कियां जाम हो गईं। गायत्री नगर निवासी चालक रुपेश यादव करीब डेढ़ मिनट तक भीतर ही फंसा तड़पता रहा और 60 फीसदी तक झुलस गया। चौराहे पर तैनात ट्रैफिक थाना जोन-4 के टीआई सुमित बिलोनिया, आरक्षक विजय, कमल और एएसआई जेपी तिवारी ने तुरंत मोर्चा संभाला। जवानों ने फुर्ती से कार का कांच तोड़कर झुलसते रुपेश को बाहर निकाला। एंबुलेंस में देरी के अंदेशे पर जवान घायल को लोडिंग रिक्शा में लिटाकर अस्पताल दौड़े और रास्ते भर सीपीआर देकर उसकी सांसें थमने नहीं दीं। अस्पताल में चालक का गंभीर हालत में इलाज जारी है। हादसे के चलते चौराहे पर करीब 15 मिनट ट्रैफिक थमा रहा।









