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पूरा शहर चमक रहा, चौड़ीकरण इलाके में गंदगी

अफसरों के निर्देश के बाद भी नहीं बदल रहे हालात, त्योहार पर लोगों में आक्रोश

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उज्जैन। दीपावली के मौके पर पूरा शहर चमक रहा है, लेकिन शहर का चौड़ीकरण प्रभावित इलाका निजातपुरा, बियावानी, तेलीवाड़ा गंदगी से पटा पड़ा है। टूटी नाली, बहता गंदा पानी, खुदी सड़क और गंदगी के कारण व्यापार-व्यवसाय तो बिगड़ा ही अब त्योहार भी धूल-गंदगी में मनाने की नौबत आ गई है। नगर निगम और ठेकेदार की लापरवाही के कारण गंदगी झेल रहे लोगों में इन दिनों तीखा आक्रोश है। नगर निगम शहर के दो प्रमुख मार्ग कोयला फाटक से छत्रीचौक और बियाबानी से शिप्रा छोटे पुल तक मार्ग चौड़ीकरण कर रहा है। पहले चरण में एक मार्ग को कोयला फाटक से नरेंद्र टॉकीज तक व बियाबानी से तेलीवाड़ा तक चौड़ीकरण प्रारंभ किया है। चार महीने के बाद भी अभी तक नालियां नहीं बनी हैं। अब दीपावली पर भी दुकान-घरों के सामने सड़कों पर गंदगी बह रही है। प्रमुख पर्व पर ऐसे हालात को देखकर रहवासियों में नाराजगी है।

ऐसी स्थिति में वे कैसे दीपावली मनाएं?

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व्यापारी सोनू भाई पंजाबी ने कहा कि मलवा नहीं उठ रहा है। जगह-जगह जमीन खोद दी गई है। समतलीकरण नहीं किया। इस कारण घर-दुकानों के आगे मलबा फैला हुआ है। दीपेश रांका ने बताया कि प्रेम परिसर के बाहर यह स्थिति है नाली नाला बन गई है और यहां कई दिनों से जमा पानी में मच्छर पनप रहे हैं। लोगों का कहना है कि कंठाल चौराहे से निजातपुरा रोड पर जगह-जगह मलबे के ढेर लगे हैं। पीएचई की पाइपलाइन तोड़ दी गई अब लोग जलसंकट भी झेल रहे हैं। जबकि दीपावली पर पानी की जरूरत ज्यादा होती है। क्षेत्रीय पार्षद प्रतिनिधित मोहित जायसवाल का कहना है कि लोग ऐसे हालात में दीपावली कैसे मनाएं। घर-दुकान पर दीप प्रज्ज्वलित करने के लिए घर से बाहर निकलना भी मुश्किल है। व्यापार तो ठप है ही अब रहना भी मुश्किल हो गया है।

अफसरों के निर्देशों के बाद भी सुधार नहीं
पिछले दिनों यहां पर संभाग आयुक्त आशीष सिंह और उनके बाद कलेक्टर रौशन कुमार ङ्क्षसह और निगम आयुक्त अभिलाष मिश्र अलग-अलग यहां दौरे कर चुके हैं। लोगों की समस्याएं सुनकर उन्होंने तुरंत निगम अमले और ठेकेदार को दीपावली के पहले व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए थे। पार्षद प्रतिनिधि मोहित जायसवाल ने बताया कि अधिकारियों के निर्देशों के बावजूद एक भी काम नहीं हुआ है। न तो सड़कें साफ हुई, न नालियां बनी। आज भी सड़कों पर नाली का पानी बह रहा है। मच्छर मारने के लिए फागिंग निर्देशों के बाद भी नहीं हुई। पीएचई लाइन जोडऩे के लिए बार-बार सब इंजीनियर को कह चुके हैं। लेकिन नहीं जोड़ी जा रही है।

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