मोबाइल शोरूम में चोरी की लिंक महाराष्ट्र से जुड़ी, आष्टा में ट्रेस हुई बदमाशों की कार

अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। फ्रीगंज में दो प्रमुख मोबाइल शोरूमों से लाखों रुपये के मोबाइल चोरी करने वाले शातिर अंतरराज्यीय गिरोह तक पहुंचने के लिए उज्जैन पुलिस ने अब तक का सबसे बड़ा तकनीकी अभियान शुरू किया है। घटना के बाद पिछले 9 दिनों में करीब 1000 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई संदिग्ध कार को आष्टा तक ट्रेस कर लिया गया है। इस अहम सुराग के मिलते ही पुलिस टीम के कदम अब पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र तक पहुंच गए हैं।
10-11 जुलाई की दरमियानी रात माधवनगर थाना क्षेत्र के फ्रीगंज स्थित हाई च्वाइस और एसएस मोबाइल (सैमसंग शोरूम) को बदमाशों ने निशाना बनाया था। शातिर चोरों ने महज कुछ ही मिनटों में शटर उचकाकर लाखों रुपये की कीमत के हाई-एंड मोबाइल फोन समेटे और कार से रफूचक्कर हो गए।
शुरुआती जांच में पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में 4 बदमाश कार के साथ नजर आए। पुलिस ने जब कार के नंबर की जांच की, तो वह ग्वालियर का निकला। ग्वालियर में जांच करने पर पता चला कि नंबर प्लेट फर्जी थी। असली नंबर की कार ग्वालियर में ही है। इसके बाद पुलिस उज्जैन से बाहर जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों और टोल प्लाजों के फुटेज खंगाले है।
जिसमें आखिरी बार संदिग्ध कार को आष्टा क्षेत्र में देखा गया। इस सुराग से पुलिस जांच की दिशा बदल गई। इनपुट्स के आधार पर पुलिस की एक विशेष टीम बदमाशों की तलाश में महाराष्ट्र पहुंच गई है। माधवनगर टीआई गजेंद्र पचौरिया ने बताया कि बदमाशों के मूवमेंट की जहां भी जानकारी मिल रही है, पुलिस टीम तुरंत तस्दीक के लिए पहुंच रही है। तकनीकी साक्ष्यों, टोल प्लाजा रिकॉर्ड और डिजिटल इनपुट के आधार पर कडिय़ां जोड़ी जा रही हैं।
मोबाइल चोरों को तलाशते वक्त चोरी गई कारों का सुराग मिला
उज्जैन। मोबाइल चोरों की तलाश में सीसीटीवी खंगाल रहीं पुलिस के के हाथ पिछले दिनों चोरी गई क्रेटा कारों का भी सुराग मिल गया। दोनों कारें राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में देखी गई हैं। पिछले दिनों नीलगंगा थाना क्षेत्र के सुभाषनगर से विदिशा से महाकाल दर्शन करने आए एक श्रद्धालु परिवार और बसंत विहार से पटवारी के घर के बाहर खड़ी क्रेटा कार चोरी हुई थी। दोनों कारें सीसीटीवी फुटेज में इंदौर रोड की ओर जाते दिखाई दी थीं। तकनीकी इनपुट और टोल नाकों के फुटेज खंगालने पर पता चला कि चोर गाडिय़ों को लेकर राजस्थान के बांसवाड़ा तक पहुंच चुके हैं। उज्जैन पुलिस अब बांसवाड़ा और उसके आसपास के इलाकों के सीसीटीवी खंगाल रही है, ताकि बदमाशों के आगे के रूट (गुजरात या अन्य जिलों की तरफ) का सटीक पता लगाया जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह किसी अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का काम हो सकता है, जो रेकी कर महंगी गाडिय़ों को निशाना बना रहा है। जल्दी ही आरोपी पकड़े जाएंगे।









