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सिटी बसों को लेकर नगर निगम के सम्मेलन में तीखी बहस हुई, बसों के दस्तावेज वाले कक्ष में आग लगी

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। पिछले दिनों नगर निगम के सम्मेलन में सिटी बसों के संचालन, बंद होने, बसों को कबाड़ कर देने, बसों पर काम करने वालों को वेतन देने और तीस लाख का लोन देने के मुद्दे पर जबरदस्त बहस हुई थी। पक्ष और विपक्ष दोनों आमने-सामने थे। महापौर और आयुक्त से सवाल किए गए थे। यह मुद्दा सदन में छाया हुआ था। बाद में मुद्दे को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। 8 माह से बंद सिटी बस के सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड भवन में शुक्रवार रात अचानक आग लग गई। आग लगने की सूचना फायर ब्रिगेड ऑफिस में रात 10.56 बजे की गई।

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इसके बाद फायर ब्रिगेड विभाग के अधिकारी, कर्मचारी तीन फायर फाइटर के साथ आग बुझाने पहुंचे, लेकिन जब तक टीम पहुंची भवन में धुंआ भर चुका था। इसके बाद भवन की पहली मंजिल की खिड़कियों के कांच फोड़ कर धुंआ निकाला और फिर आग बुझाई गई। आग बुझाने के बाद जब अंदर देखा तो पता चला कि एक ही कमरे में आग लगी थी और वहीं का धुंआ चारों तरफ फैला हुआ था। पर्दे और फर्नीचर के साथ कागज और फाइलें जल रही थीं। आग बुझाकर कक्ष में ताला लगा दिया। पुलिस को शिकायत भी नहीं की गई।

अक्षर विश्व की टीम से यह कहा

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अक्षर विश्व की टीम मौके पर पहुंची। वहां मौजूद कर्मचारियों ने कहा कि कक्ष में ताला लगा है। बड़े अधिकारी ही बता सकते हैं कि आग क्यों लगी और अंदर क्या जला है। आग लगने का कारण अब तक सामने नहीं आया है। बताया जाता है कि पूरे क्षेत्र में तीन चौकीदार थे, इसके बावजूद जब तक फायर ब्रिगेड टीम को सूचना दी गई, आग काफी फैल चुकी थी व पूरे भवन में धुंआ हो चुका था।
नगर निगम के सूत्रों की मानें तो कक्ष में काफी पुराने रिकॉर्ड भी रखे थे, जिनमें बसों, कर्मचारियों व कुछ अन्य जानकारियां थी। वैसे भी करीब 8 माह से सिटी बस बंद हैं, जिससे जुटे कुछ कागजात भी थे। इस मामले में आयुक्त आशीष पाठक का कहना है कि मामला उनके संझान में है। एक कमेटी बना कर जांच की जाएगी।

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