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क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर बनकर वृद्धा से 5.09 लाख वसूलने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार

40 घंटे तक किया डिजिटल अरेस्ट, गहने बेचकर दिए रुपए

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दो को जेल भेजा, मास्टर अभी माइंड रिमांड पर

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर बनकर वृद्धा को 40 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट कर 5.09 लाख रुपए वसूलने वाले तीन आरोपियों को नागदा की बिरलाग्राम पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उनसे 2.89 लाख रुपए नकद और ३ मोबाइल जब्त किए हैं। आरोपियों में एक युवती भी शामिल है। पुलिस ने मंगलवार को तीनों को कोर्ट में पेश किया जहां से दो को जेल भेज दिया और मास्टमाइंड को दो दिन के रिमांड पर लिया है जिससे पूछताछ की जा रही है।

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टीआई जितेंद्र पाटीदार ने बताया उज्जैन के नानाखेड़ा क्षेत्र के बसंत विहार कॉलोनी की रहने वाली 50 वर्षीय सरोज पति कुंदनलाल माली अपना इलाज करवाने के लिए नागदा के जनसेवा अस्पताल में नर्स अपनी बहन के घर नागदा आई थीं। यहां राजेश उर्फ राज पिता जगदीश जाट निवासी ग्राम बुरानाबाद हालमुकाम ग्राम गुणावद ने अपने साथी बलराम पिता वरदीराम जाट निवासी ग्राम गुणावद, रतलाम और युक्ति पिता प्रमेंद्र बैरागी निवासी नेहरूनगर, रतलाम के साथ मिलकर सरोज माली को कॉल किया। इस दौरान युक्ति बैरागी ने खुद को क्राइम ब्रांच का इंस्पेक्टर बताते हुए 12 अगस्त 2025को शाम 6 बजे से 14 अगस्त तक कुल 40 घंटों तक सरोज माली को डिजिटल अरेस्ट करते हुए जेल में डालने और नागदा से उठवाने की धमकी दी।

इस पर सरोज माली घबरा गईं और उन्होंने गिरफ्तारी का कारण पूछा तो वन्य जीवों की तस्करी करना बताया। युक्ति ने गिरफ्तारी से बचने के लिए रुपए की मांग की और अपने आरक्षक को घर भेजने के लिए कहा जिसे रुपए देने की बात कही। सरोज माली ने अपने परिचित ज्वेलर को गहने बेचकर रुपए एकत्र किए। दूसरे दिन सरोज की बहन के यहां पुलिसकर्मी बनकर एक व्यक्ति पहुंचा और 5 लाख 9 हजार रुपए नकद लेकर चला गया।

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बिरलाग्राम पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की जिसके लिए विशेष टीम गठित की गई। इस दौरान सायबर सेल की मदद से मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल एवं लोकेशन निकाली गई। जिसके बाद आरोपी और मास्टरमाइंड राजेश उर्फ राज जाट के साथ बलराम जाट और युक्ति बैरागी को गिरफ्तार कर 2.89 लाख कैश और ३ मोबाइल जब्त किए गए। पुलिस ने मंगलवार को सभी को कोर्ट में पेश किया जहां से दो आरोपी को जेल भेज दिया, जबकि मुख्य सरगना राजेश को दो दिन के रिमांड पर लिया है।

सोशल मीडिया से लिए फोटो
टीआई पाटीदार ने बताया कि फरियादिया सरोज माली के सोशल मीडिया पर कुछ फोटो कछुए के साथ थे, इसी से उन्होंने फोटो लेते हुए उन्हें अपना टारगेट बनाया और वारदात को अंजाम दिया।

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