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तीन दिन का वीकेंड, आएंगे लाखों श्रद्धालु, होटल महंगे

स्वतंत्रता दिवस और संडे के बाद सावन सोमवार व नागपंचमी पर भीड़ नियंत्रण होगा चुनौती

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। शनिवार से तीन दिन लंबा वीकेंड शुरू हो रहा है। प्रशासन को उम्मीद है कि सावन सोमवार और नागपंचमी पर करीब 8 लाख से अधिक लोगों के उज्जैन आ सकते हैं। वहीं शनिवार, रविवार को भी करीब 5 लाख बाहरी दर्शनार्थियों के उज्जैन में रहने की संभावना है।

बाबा महाकाल की नगरी में इन दिनों धार्मिक आयोजनों को लेकर गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है। सावन सोमवार और नागपंचमी का पर्व एक साथ पडऩे के कारण शहर में श्रद्धालुओं का भारी रेला उमडऩे की उम्मीद है। आगामी शनिवार और रविवार को जहां 4 से 5 लाख लोगों के आने का अनुमान जताया जा रहा है, वहीं मुख्य पर्व सोमवार के दिन यह आंकड़ा 8 लाख श्रद्धालुओं तक पहुंच सकता है।

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होटल और होम स्टे फुल, किराए में उछाल
भारी संख्या में पहुंच रहे श्रद्धालुओं के चलते उज्जैन के अधिकांश होटल और गेस्ट हाउस पहले से ही बुक हो चुके हैं। स्थिति यह है कि जो कमरे अभी खाली बचे हैं, उनके लिए यात्रियों से सामान्य दिनों की तुलना में काफी ज्यादा किराया वसूला जा रहा है। आम दिनों में 1500 रुपए में मिलने वाला कमरा वीक-एंड और त्योहार के चलते करीब 2000 या उससे अधिक में मिल रहा है।

छोटे और बड़े होटलों में अलग-अलग बढ़ोतरी: कमरे के किरायों में हुई इस बढ़ोतरी का असर होटल के आकार और लोकेशन के हिसाब से अलग-अलग नजर आ रहा है। महाकाल लोक के आसपास बने छोटे होटलों और गेस्ट हाउस के किराए में सीधे तौर पर दोगुने तक की वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं, बड़े होटलों ने अपनी दरों में २० प्रतिशत तक का इजाफा किया है। महाकाल चौराहे से बेगमबाग तक की छोटी गलियों में संचालित होने वाले होटल, और विशेषकर जयसिंहपुरा इलाके और इंदिरा नगर क्षेत्र की होटलें-होम स्टे में बदले गए मकान भी पूरी तरह पैक चल रहे हैं।

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मंदिरों पर प्रशासन की तैयारी शुरू
महाकाल मंदिर में नागपंचमी की तैयारी शुक्रवार से शुरू हो गई है। पार्किंग स्थल पर जूता स्टेंड, लड्डू प्रसाद आदि सुविधाओ के लिए स्टॉल बनाना शुरू कर दिया गया है। साथी ही बढ़ती भीड़ को देखते हुए शनिवार से क्षेत्र में नो व्हीकल प्लान भी लागू हो सकता है, जो कि नाग पंचमी के लिए तैयार किया गया है। महाकाल मंदिर के सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल ने बताया कि मंदिर की दर्शन व्यवस्था पहले से ही तय है। उसी के मुताबिक तैयारी चल रही है। वहीं कालभैरव मंदिर पर फिलहाल बैरिकेडिंग बढ़ा दी गई है और शीघ्र दर्शन व्यवस्था को स्थगित किया गया है। मंगलनाथ मंदिर पर वीकेंड के तीन दिनों बैरिकेड्स से दर्शन होंगे। गर्भगृह में प्रवेश नहीं होगा।

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