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कल जयंती पर 56 भैरव को लगेगा अनोखा अन्नकूट

100 तरह की शराब, बीड़ी-सिगरेट सहित 1100 से अधिक सामग्री अर्पित करेंगे

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अक्षरविश्व न्यूज|उज्जैन। भैरव जयंती पर कल 12 दिसंबर को प्राचीन 56 भैरव को अनोखा अन्नकूट अर्पित होगा। जिसमें उन्हें 1100से अधिक सामग्री का भोग लगाया जाएगा। इसमें करीब 100 से अधिक तरह की शराब और तमाम किस्म की बीड़ी-सिगरेट भी शामिल हैं।

पं. श्रीधर व्यास ने बताया कि भैरव जयंती पर तीन दिनी कार्यक्रम चल रहे हैं। सोमवार को अभिषेक पूजन व मंगलवार को चोला-श्रंगार किया गया। मुख्य कार्यक्रम भैरव जयंती पर बुधवार को होगे। दोपहर 12 बजे, शाम 6 बजे और रात 12 बजे आरती होगी। शाम की आरती के बाद अन्नकूट होगा जिसमें 1100 से अधिक खाद्य सामग्री भैरवनाथ को अर्पित होगी।

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यह आयोजन संतोष-नीरज देसाई इंदौर की ओर से होता है। मंदिर की सजावट धार के कीर्ति रावल करते हैं। चलित भंडारा भी होता है। पं. जगदीश भट्ट द्वारा छप्पन भैरव का पूजन-अर्चन अभिषेक तथा राकेश व्यास द्वारा शृंगार कर चोला चढ़ाया जाएगा। भजन संध्या का संचालन पं. चंद्रशेखर व्यास करेंगे।

अन्नकूट में यह सामग्री अर्पित होगी

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पं. व्यास के मुताबिक अन्नकूट शाम 6 बजे से होगा। जिसमें सभी पूड़ी,सब्जी और पारंपरिक व्यंजनों के अलावा १०० से अधिक किस्म की शराब, सभी तरह की बीड़ी-सिगरेट, सभी तरह की मिठाई-नमकीन, चूरमा, सभी तरह की टॉफी, सभी किस्म की गोली व बिस्किट, सभी फल आदि वस्तुएं भैरवनाथ को अर्पित होगी। पुजारी पं. श्रीधर व्यास ने बताया कि यह मंदिर प्राचीन है, जहां सम्राट विक्रमादित्य स्वयं पूजन करने आते थे।

आधी रात भैरव मंदिरों में मनेगा उत्सव

भगवान भैरव के जन्मोत्सव 12 नवंबर को प्रमुख भैरव मंदिरों में आयोजन होंगे। उज्जैन में महाभैरव का उल्लेख मिलता है, जिनमें कालभैरव, आताल पाताल भैरव और विक्रांत भैरव प्रमुख हैं।

1. भगवान कालभैरव मंदिर में कल सुबह भगवान का भैरव सहस्त्र नामावली से विशेष अभिषेक और पूजन होगा। पकवानों का महाभोग लगेगा। मध्य रात्रि 12 बजे शिव प्रिय वाद्यों की मंगल ध्वनि के साथ महाआरती की जाएगी। अगले दिन शाम 4 बजे सवारी निकलेगी।

2. विक्रांत भैरव मंदिर पर कल सुबह 9 बजे प्रात: कालीन आरती होगी। 10 बजे रुद्राभिषेक एवं सुंदरकांड होगा। दोपहर 12 बजे भगवान को चोला चढ़ाया जाएगा, दोपहर 2 बजे हवन होगा। 3 बजे महाआरती एवं छप्पन भोग होगा। 3 बजे से रात्रि 10 बजे तक भोजन प्रसाद भंडारा चलेगा।

सायं 6 बजे भगवान सत्य सांई भजन मंडल द्वारा संकीर्तन एवं भजन संध्या होगी। 7 बजे विद्यापति मिथिला रामायण मंडल द्वारा रामायण पाठ किया जाएगा। रात्रि 9 बजे भैरव मंडल द्वारा भजन, 10 बजे रात्रि हवन और 11 बजे महाआरती व इसके बाद रात्रि जागरण होगा। समापन 13 नवंबर गुरुवार को प्रात: 8 बजे प्रभात आरती के साथ होगा।

3. सिंहपुरी स्थित आताल-पाताल भैरव मंदिर में कल सुबह भगवान का अभिषेक, पूजन और विशेष श्रृंगार होगा, जिसके बाद पकवानों का महाभोग लगेगा। रात 12 बजे ढोल-ढमाकों के साथ जन्म आरती होगी। १३ नवंबर की शाम 7 बजे भगवान आताल-पाताल भैरव नगर भ्रमण पर निकलेंगे। अगले दिन १४ नवंबर की शाम 7 बजे कन्या व बटुक भोज होगा।

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