गंभीर डेम के दो गेट आज भी खुले, अंगारेश्वर में दर्शन शुरू

पूरे साल पीने के पानी की चिंता दूर, जलाशयों में पानी भरपूर

अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन। शहर के प्रमुख पेयजल स्त्रोत गंभीर डेम के गेट आज शुक्रवार को भी खुले रहे। रात में चार गेट 18 मीटर तक खोले गए और सुबह इनको घटाकर 6 मीटर किया गया। उंडासा और साहिबखेडी जलाशय भी पानी से लबालब हो गए हैं, जिससे अगले साल तक पीने के पानी की चिंता दूर हो गई है। अंगारेश्वर मंदिर गुरुवार को जलमग्न हो गया था, लेकिन आज सुबह मंदिर के पट खुले और दर्शन पूजन का सिलसिला भी शुरू हो गया।
गंभीर डेम के गेट आज सुबह भी 6 मीटर तक खोलकर रखना पड़े ताकि 2250 मीटर से कम का लेवल मेंटेन रखा जा सके। सुबह 10 बजे तक दो गेट तीन तीन मीटर तक खुले रहे। पीएचई अधिकारियों के अनुसार गुरुवार रात डेम के चार गेट 18 मीटर तक खोलना पड़े। यह स्थिति तीन चार साल के अंतराल बाद बनी। हालांकि इसके पहले 23 मीटर तक गेट खोले जा चुके हैं। उंडासा तालाब भी ओवरफ्लो हो गया है और साहिबखेडी डेम भी लबालब भर गया है। इससे पेयजल की चिंता पूरी तरह दूर हो गई है। पीएचई को अब पानी सहेजकर रखने के उपाय भी करना होंगे ताकि अगले साल गर्मी के मौसम में पेयजल संकट के आसार न बने। डेम से पानी का अपव्यय न हो, इसके प्रबंध करना होंगे।
अंगारेश्वर मंदिर से सुबह उतरा पानी, दर्शन करने उमड़े भक्त
चौरासी महादेव मंदिरों में से एक मंगल ग्रह के उत्पत्ति स्थल माने जाने वाले अंगारेश्वर महादेव मंदिर से आज सुबह पानी पूरी तरह उतर गया। पंडित रोहित उपाध्याय ने बताया सुबह करीब साढ़े सात बजे मंदिर में साफ सफाई के बाद नियमित पूजा अर्चना और आरती की गई। इसके बाद भक्तों द्वारा भी दर्शन किए गए। गुरुवार को महादेव जलमग्न हो गए थे। इस कारण नियमित दर्शनार्थी दर्शन न कर लौट गए थे।
रामघाट

रामानुज कोट के सामने बाढ़ का पानी उतरने के बाद शुक्रवार को पाइप से कीचड़ और गाद साफ की गई। हालांकि अभी भी घाट पानी में डूबे हुए हैं। बतौर एहतियातन पुलिसकर्मी तैनात हैं।
शिप्रा

बुधवार-गुरुवार को हुई धुआंधार बारिश के चलते शिप्रा दूसरे दिन शुक्रवार को भी उफान पर है। हालांकि बडऩगर पुल से पानी अब उतरने लगा है। सुबह घाट पर पूरे डूब चुके मंदिर आधे दिखाई देने लगे।
श्रम तीर्थ सरोवर पुलिस लाइन

माधव सांइस कॉलेज का तालाब

विक्रम तीर्थ सरोवर विश्वविद्यालय परिसर










