सिंहस्थ के पहले एमपी ट्रांसको बना रही दो नए 132 केवी एक्स्ट्रा हाईटेंशन सब स्टेशन

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। सिंहस्थ के पहले मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) शहर में ट्रांसमिशन लाइनों के विस्तार के साथ-साथ दो नए 132 के.वी. एक्स्ट्रा हाईटेंशन सबस्टेशनों का निर्माण और मौजूदा सबस्टेशनों की क्षमता बढ़ाने जा रही है।

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि तैयारियों के पहले चरण में दो नए सबस्टेशनों का निर्माण और साथ ही कुछ मौजूदा सबस्टेशनों की क्षमता भी बढ़ाई जा रही है। इनमें से एक सबस्टेशन, त्रिवेणी बिहार, में स्थापित किया जा रहा है, जो प्रदेश का चौथा तथा उज्जैन का पहला जी.आई.एस. (गैस इंसुलेटेड स्विचगियर) सबस्टेशन होगा। इस सबस्टेशन को 220के व्ही सबस्टेशन जैतपुरा (इंदौर )और उज्जैन से विद्युत आपूर्ति प्राप्त होगी। दूसरे 132 के.वी. सबस्टेशन का निर्माण चिंतामन में किया जा रहा है, जिसे विद्युत आपूर्ति के लिए चार स्रोत—220 के.वी. उज्जैन, चंद्रवतीगंज, देपालपुर एवं गौतमपुरा—से जोड़ा जाएगा।
400 केवी सब स्टेशन का होगा विस्तार
एम.पी. ट्रांसको उज्जैन के अतिरिक्त मुख्य अभियंता केएम सिंघल ने बताया कि 400 के.वी. उज्जैन सबस्टेशन में 132 के.वी. नेटवर्क का विस्तार करते हुए एक 50 एम.वी.ए. क्षमता का नया ट्रांसफार्मर तथा 33 के.वी. के चार नए फीडर निकाले जा रहे हैं। इसके अलावा, 220 के.वी. शंकरपुर सबस्टेशन में वर्तमान 20 एम.वी.ए. ट्रांसफार्मर को अपग्रेड कर 50 एम.वी.ए. का नया ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाना प्रस्तावित है।
सिंहस्थ के लिए 676 एमवीए लोड की तैयारी
पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा सिंहस्थ आयोजन के दौरान 676 एम.वी.ए. लोड का अनुमान लगाया गया है। वर्तमान में एम.पी. ट्रांसको के पास 651 एम.वी.ए. की उपलब्ध क्षमता है। शेष लोड के लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।









