जल संरक्षण में उज्जैन प्रदेश में चौथे स्थान पर

प्रदेश में हुए 3.62 लाख के कार्य, समापन पर मंत्री चैतन्य काश्यप ने इसे जन आंदोलन बनाने का कहा

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। जल संरक्षण अभियान में मप्र में उज्जैन चौथे स्थान पर रहा है। जिले के कई विभागों ने इसमें बेहतर प्रदर्शन कर टारगेट से अधिक काम किया। यह जानकारी मंगलवार को अभियान के समापन पर कालिदास संस्कृत अकादमी में कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने दी।
सीएम डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में वर्ष प्रतिपदा (19 मार्च) से प्रदेश में शुरू किए गए जल गंगा संवर्धन अभियान का मंगलवार को समापन हो गया। काश्यप ने कहा कि सीएम ने अभियान को एक सरकारी कार्यक्रम न रखकर जन आंदोलन का रूप दिया। उन्होंने जल संरक्षण को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।
3.62 लाख कामों पर 10 हजार 514 करोड़ खर्च: पूरे अभियान के दौरान मप्र के ग्रामीण, नगरीय, वन, सिंचाई और औद्योगिक क्षेत्रों में जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन, चैकडेम, अमृत सरोवर, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और नदी पुनर्जीवन जैसे करीब 3.62 लाख कार्यों का सफल क्रियान्वयन किया गया, जिन पर सरकार द्वारा लगभग 10 हजार 514 करोड़ रुपए का व्यय किया गया है।
बेहतर काम करने वालों को पुरस्कृत भी किया
मुख्य अतिथि ने उल्लेखनीय योगदान देने वाली उत्कृष्ट ग्राम पंचायतों, जनपद पंचायतों, विभागों और कर्मठ अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना के तहत 45 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण पूरा करने वाले प्रतिभागियों को भी प्रमाण पत्र सौंपे गए। महापौर मुकेश टटवाल, निगम सभापति कलावती यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष कमला कुंवर, कलेक्टर रौशनकुमार सिंह, निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ श्रेयांस कुमट सहित बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद थे।
लक्ष्य से कई गुना अधिक काम कर रचा इतिहास
जिले के अधिकांश विभागों ने न केवल अपने शत-प्रतिशत लक्ष्यों को हासिल किया, बल्कि कई विभागों ने निर्धारित लक्ष्य से कई गुना अधिक काम करके दिखाया है। इसमें मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद ने जिले में सबसे अधिक सक्रियता दिखाई। परिषद ने 19 विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से 804 के निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 2 हजार 965 कार्य पूरे किए और पूरे राज्य में दूसरा स्थान हासिल किया।
इसके साथ ही किसान कल्याण एवं कृषि विकास, उच्च शिक्षा विभाग, एमपीआईडीसी (उद्योग) और नगरीय विकास विभाग ने प्रदेश स्तर पर संयुक्त रूप से तीसरा स्थान पाया। नगरीय विकास विभाग का प्रदर्शन तो बेहद अप्रत्याशित और मिसाल कायम करने वाला रहा, जिसने 2 हजार 400 कार्यों के लक्ष्य के सामने 25 हजार 599 कार्य पूरे कर अपनी 100 प्रतिशत से भी ऊपर की उपलब्धि दर्ज कराई। वहीं, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने भी 11 अलग-अलग गतिविधियों के जरिए 4 हजार 17 के लक्ष्य के मुकाबले 3 हजार 899 कार्य सफलतापूर्वक पूरे कर राज्य में चौथा स्थान अर्जित किया।









