पटाखों से उज्जैन का एक्यूआई 360 , बहुत ही खराब हालात

उज्जैन। महालक्ष्मी पूजन की रात शहरवासियों ने जमकर पटाखे छोड़े और इससे वायु और ध्वनि प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) इस रात 360 पर था, जो बहुत की खराब श्रेणी में था।

इसी तरह पटाखों का शोर भी तय डेसीबल से दोगुना रहा। मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने उज्जैन में दो स्थानों पर वायु और ध्वनि प्रदूषण मापने की व्यवस्था की थी। पुराने शहर में नगरनिगम कार्यालय और नए शहर में बोर्ड कार्यालय भवन पर इसके लिए उपकरण लगाए गए थे। इनका ब्योरा बुधवार को जारी किया गया। वायु प्रदूषण मापने के चार पैमाने हैं। पीएम-10, पीएम-2.5, एसओ 2 और एनओ 2। यह चारों पैमाने मिलकर एक्यूआई बनाते हैं।
पटाखों का शोर भी तय डेसीबल से दोगुना रहा
यूं समझे एक्यूआई का पैमाना….
0-50 अच्छा
51-100 संतुष्टिदायक
101-200 मध्यम
201-300 निम्न
301-400 बहुत ही खराब
401-500 परेशान करने वाला
चिंताजनक आंकड़ा : दिवाली के दिन शहर में दो जगह एक्यूआई और शोर की मॉनिटरिंग की गई। यह दोनों ही सीवियर थे। नगरनिगम कार्यालय के मॉनिटर में एक्यूआई 360.37 और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के ऑफिस के मॉनिटर में 224.39 था। यह चिंताजनक था। ध्वनि की स्थिति भी ऐसी ही थी। यह तय डेसीबल से दो गुना से भी अधिक थी। प्रतीम खरे, प्रयोगशाला प्रभारी, मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
दिवाली के दिन शोर भी काफी बढ़ा
दिवाली के पहले शहर के आवासीय क्षेत्र में शोर की न्यूनतम स्थिति 26.3और अधिकतम 100.8 डेसीबल थी। दिवाली वाले दिन शाम 6 से रात 12 बजे तक यह न्यूनतम 30.2 और अधिकतम 112 .1 डेसीबल हो गई। आवासीय क्षेत्र में ध्वनि अधिकतम 54 डेसीबल होना चाहिए। कमर्शियल में 55, इंडस्ट्रीयल में 70 डेसीबल होना चाहिए। इस हिसाब से शहर में शोर तय मानक से दोगुना से अधिक था।









