पुणे मर्डर केस: लोहगढ़ किले पर हत्या का सीन रीक्रिएट, गूगल सर्च हिस्ट्री से जांच में बड़ा खुलासा

पुणे। चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में पुलिस लगातार नए खुलासे कर रही है। रविवार सुबह पुलिस टीम दोनों आरोपियों सिया गोयल और चेतन चौधरी को लोहगढ़ किले लेकर पहुंची, जहां वारदात का सीन रीक्रिएट किया गया। जांच अधिकारियों ने घटना को उसी क्रम में दोहराकर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की।

पुलिस के अनुसार, केतन के वजन के बराबर एक डमी तैयार की गई थी, जिसकी मदद से यह समझने की कोशिश की गई कि कथित तौर पर घटना कैसे हुई। अधिकारियों ने आरोपियों से घटनास्थल पर मौजूद रहकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
गूगल सर्च हिस्ट्री बनी अहम सबूत
जांच मे सामने आया है कि आरोपियों ने घटना से पहले इंटरनेट पर लोहगढ़ किले के खतरनाक स्थानों और गहरी खाइयों के बारे में जानकारी जुटाई थी। पुलिस का दावा है कि मोबाइल की जांच में ऐसे कई सर्च मिले हैं, जिनमें वारदात को अंजाम देने और जांच से बचने से जुड़े सवाल शामिल हैं। साथ ही कथित तौर पर चैट और डिजिटल सबूत मिटाने के तरीकों की भी जानकारी खोजी गई थी।
परिवार से भी लंबी पूछताछ
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने सिया गोयल के माता-पिता और भाई से कई घंटे तक पूछताछ की। वहीं आरोपी चेतन चौधरी की बाइक, कपड़े और अन्य सामान भी जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं।
नया वीडियो भी आया सामने
जांच के बीच सिया और चेतन का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों एक क्रिकेट मैच के दौरान साथ दिखाई दे रहे हैं। पुलिस इस वीडियो की तारीख और उससे जुड़े तथ्यों की भी जांच कर रही है। पूछताछ में यह भी सामने आया कि दोनों की पहचान क्रिकेट आयोजन के दौरान हुई थी, जिसके बाद उनकी मुलाकातें बढ़ती गईं।
18 जून को हुई थी घटना
पुलिस के मुताबिक, 18 जून को सिया और उसके मंगेतर केतन अग्रवाल लोहगढ़ किले पर घूमने गए थे। इसी दौरान केतन की गहरी खाई में गिरने से मौत हो गई। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस का आरोप है कि यह एक सुनियोजित हत्या थी, जिसमें सिया और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी की भूमिका सामने आई है। दोनों फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं और उनसे पूछताछ जारी है।
परिवार ने की सख्त सजा की मांग
केतन अग्रवाल के परिवार ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। श्रद्धांजलि सभा के दौरान परिजनों ने कहा कि उन्हें न्याय चाहिए और दोषियों को कानून के तहत कठोरतम सजा मिलनी चाहिए।









