योगेश्वर टेकरी खस्ताहाल, टूटी फर्शियां-फूटी लाइट और सुरक्षा के अभाव में बिगड़े हालात

देखरेख के अभाव में जर्जर हो रही टेकरी, धंस रहे पेवर ब्लॉक, रात में छलकते हैं जाम

अक्षरविश्व न्यूज|उज्जैन। टूटी सीढ़ियां, फूटी लाइट्स, धंसते पेवर ब्लॉक्स, दरकती बैंच और रात में छलकते जाम। यह खस्ताहाल वार्ड क्रमांक २४ स्थित योगेश्वर टेकरी के हैं। सुबह मॉर्निंग वॉक के लिए यहां बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं लेकिन रात में सुरक्षा नहीं होने के चलते यहां शराबियों का जमावड़ा लगता है और जाम छलकते हैं।
दरअसल, योगेश्वर टेकरी पुराने शहर के मध्य स्थित रमणीय स्थल हैं। जहां से लगभग पूरा शहर नजर आता है। टेकरी के ऊपर भगवान शिव का प्राचीन मंदिर है जो लोगों की आस्था का केंद्र है। हरियाली से आच्छादित इस टेकरी पर नईसड़क की ओर से गुजराती समाज धर्मशाला के पास बनी सीढ़ियों और क्षीरसागर क्षेत्र से भी सीढ़ियों के जरिए आ-जा सकते हैं। जानकारी के मुताबिक सिंहस्थ 2016 में लाखों रुपए खर्च कर नई सीढ़ियां बनाकर उन पर पत्थर लगाने और टेकरी के ऊपर बच्चों के लिए झूले लगाने सहित अन्य काम किए गए थे लेकिन देखरेख के अभाव में अब टेकरी की हालत खस्ता हो गई है।
टूटे ब्लॉक से लोगों को खतरा
टेकरी के ऊपर पेवर ब्लॉक लगाए गए हैं जिससे यहां घूमने आने वालों को चलने में आसानी हो लेकिन अब यह पेवर ब्लॉक कई जगह से धंस चुके हैं। इससे गड्ढे हो गए हैं जिस पर चलना से गिरने का खतरा हो सकता है।
बैठने के लिए लगी बैंचेस भी टूटी

टेकरी पर घूमने आने वाले लोगों के आराम के लिए जगह-जगह बैंचेस लगी हैं लेकिन इनमें से कुछ टूट रही हैं, बाकी के हालात भी ठीक नहीं है। यदि समय रहते इन पर ध्यान नहीं दिया तो लोगों को आराम करने के लिए भी जगह नहीं होगी।
कुछ लाइट्स फूटी, कुछ बंद

टेकरी पर पर्याप्त रोशनी रहे और रात में भी यहां लोगों की चहल-पहल बनी रहे, इस लिहाज से जगह-जगह लाइट्स लगाई गई हैं लेकिन मेंटेनेंस नहीं होने के कारण इनमें से कुछ लाइट्स फूट गई हैं तो कुछ बंद हो गई हैं।
पानी के अभाव में सूख रहे पौधे

यहां क्यारियों में लगे पौधों को पानी देने के लिए पानी के पाइप्स तो लगे हैं लेकिन वह बंद हो चुके हैं। ऐसे में पानी के अभाव में मिट्टी कड़क हो गई है जिसके चलते कुछ पौधे सूख चुके हैं तो कुछ सूखने की कगार पर हैं।
कुत्ते मचाते हैं धमाचौकड़ी
स्ट्रीट डॉग्स के लिए टेकरी आरामगाह बन गई है। यहां बड़ी संख्या में डॉग धमाचौकड़ी मचाते हैं और जगह-जगह गंदगी भी करते हैं। शहर में डॉग बाइट की लगातार हो रही घटनाओं को देखते हुए यहां आने वालों के लिए भी खतरा रहता है।
इनका कहना
जो भी समस्याएं बताई गई हैं उसे जल्द दिखवाता हूं। मुकेश टटवाल, महापौर









