इलाज में बरती लापरवाही, सीएमएचओ के नोटिस का नहीं दिया जवाब, एमपी अस्पताल का लाइसेंस निरस्त

भर्ती मरीज तीन दिन में अन्य अस्पतालों में शिफ्ट होंगे
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। फ्रीगंज स्थित एमपी अस्पताल में उपचार के दौरान हुई युवक की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है।
सीएमएचओ डॉ. अशोक पटेल ने बताया कि मंगलवार को अस्पताल का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया। अस्पताल प्रबंधन को आदेश दिए हैं कि वहां भर्ती मरीजों को तुरंत अन्य अस्पतालों में शिफ्ट करें। नए मरीजों की भर्ती तुरंत बंद कर दी जाए। इस अवधि के बाद अस्पताल का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
21 अप्रैल की रात इंदौर रोड पर महामृत्युंजय द्वार के पास एक सड़क हादसे में ग्राम करनावद (उन्हेल) निवासी प्रताप आंजना (20) और उसका दोस्त महेश घायल हो गए थे। प्रताप को उपचार के लिए माधवनगर थाने के सामने स्थित एमपी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ उसकी मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा करते हुए इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया था।
जांच में खुली थी अस्पताल की पोल
परिजनों की शिकायत पर गठित जांच समिति (डॉ. विक्रम रघुवंशी, डॉ. प्रदीप सोमेश, डॉ. अजय दंडोतिया, डॉ. आदित्य रावल, विकास राजपूत व अन्य) ने जब अस्पताल के दस्तावेजों की पड़ताल की, तो चौंकाने वाली गड़बडिय़ां सामने आईं। जिसमें मरीज की मौत सुबह 6.04 बजे दर्ज की गई थी, लेकिन उपचार की फाइल में सुबह 7 बजे भी दवाइयां देना लिखा गया था।
अस्पताल प्रबंधन इस गंभीर गड़बड़ी पर कोई सफाई नहीं दे सका। जांच दल के सामने अस्पताल कर्मियों ने मृतक के भाई पवन आंजना की मौजूदगी में बयान देने से भी मना कर दिया था। मंगलवार को नोटिस की अवधि समाप्त होने और संतोषजनक जवाब न मिलने पर लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की गई।
आज श्रीजी अस्पताल सहित अन्य क्लीनिक की जांच
दो दिनों में 50 में से 36 अस्पताल/क्लीनिक अपंजीकृत मिले
उज्जैन। इलाज में लापरवाही पर बालिका की मौत के बाद शुरू हुई निजी अस्पतालों की जांच मुहिम तीसरे दिन बुधवार को भी जारी रही। डॉ. विक्रम सिंह रघुवंशी की टीम ने देसाईनगर स्थित श्रीजी अस्पताल सहित अन्य क्लीनिक पर जांच की। टीम ने सुबह से ही चैकिंग अभियान प्रारंभ कर दिया था। दोपहर 12 बजे तक श्रीजी अस्पताल मेें चैकिंग अभियान चल रहा था।
डॉ. रघुवंशी ने बताया कि नियमों के मुताबिक यहां मौजूद सुविधाओं व स्टॉफ की जानकारी लेकर उसकी तस्दीक की जा रही है। सोमवार व मंगलवार को पांच टीमों ने करीब ५० अस्पताल और क्लीनिक की जांच की थी जिसमें से 36 अस्पताल और क्लीनिक गैर पंजीकृत मिले हैं। सीएमएचओ डॉ. अशोक पटेल ने बताया कि सभी अपंजीकृत संस्थाओं को नोटिस दिए गए हैं।









