उज्जैन के लोगों ने नहीं दिखाई सेल्फ एनुमरेशन में रुचि, 7वें पायदान पर

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। उज्जैन, इंदौर, भोपाल जैसे बड़े शहरों ने जनगणना के अंतर्गत मकान गणना की जानकारी खुद भरने में अधिक रुचि दिखाई है, जबकि छोटे शहरों के लोगों ने इसमें अधिक रुचि दिखाते हुए बाजी मार ली। इसी का रिजल्ट रहा कि प्रदेश में 16 से 30 अप्रैल के बीच चलाए गए इस अभियान के तहत स्वगणना (सेल्फ एनुमरेशन) भरने में टॉप टेन जिलों में एमपी में रायसेन अव्वल रहा। दूसरे स्थान पर मंदसौर रहा जहां के लोगों ने स्वगणना में मकान से संबंधित 33 सवालों की जानकारी भरी है।

इस लिस्ट में उज्जैन का नंबर सातवां हैं जहां 21049 लोगों ने जानकारी भरी। हालांकि, प्रदेश में मकानों की स्वगणना शुक्रवार से बंद हो चुकी है और अब प्रगणक घर-घर जाकर लोगों से जानकारी लेना शुरू कर चुके हैं। 30 अप्रैल तक स्वगणना के सामने आए आंकड़ों के अनुसार पूरे प्रदेश में सात लाख 46 हजार 157 लोगों ने मोबाइल एप के जरिए स्वगणना की रिपोर्ट भरी है। 29 अप्रैल की आधी रात तक यह आंकड़ा 5 लाख 81 हजार 152 था। बताया जाता है कि इस जानकारी को नहीं भरने के पीछे मुख्य वजह प्रगणकों द्वारा घर आकर भरी गई
जानकारी का वेरिफिकेशन किया जाना है। चूंकि, प्रगणक घर आकर दोबारा वही सभी जानकारी पूछेंगे इसलिए लोगों ने डिजिटल फार्मेट में करवाई जा रही जनगणना में खुद जानकारी भरने में अपेक्षित रुचि नहीं दिखाई है।










