कालभैरव में श्रद्धालुओं की भारी भीड़,मंदिर को 9.38 लाख की आय
शनिवार को एक दिन में 1876 ने किए दर्शन, मंदिर को 9.38 लाख की आय

अक्षरविश्व न्यूज | उज्जैन। 500 रुपए देकर गर्भगृह में जाकर भगवान कालभैरव के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। शनिवार को लंबी कतार होने के कारण कई बार लोगों को रोकना पड़ा। अब प्रत्येक शनिवार-रविवार को 500 रुपए की शीघ्र दर्शन व्यवस्था आम दर्शनार्थियों के लिए स्थगित करने का निर्णय किया गया है। सिर्फ प्रोटोकाल दर्शनार्थियों को ही यह सुविधा देंगे।
कालभैरव मंदिर में 500 रुपए के शीघ्र दर्शन की व्यवस्था बुधवार 20 मई से शुरू हुई थी। चार दिनों में ही योजना की इतनी सफल रही कि अब दर्शनार्थियों के लिए व्यवस्था बनाना मुश्किल हो रहा है। ५०० रुपए देकर शीघ्र दर्शन के लिए आने वाले दर्शनार्थियों की संख्या शनिवार 23 मई को अचानक बढ़ गई। दिनभर में कई बार शीघ्र दर्शन व्यवस्था कुछ-कुछ देर के रोकना पड़ी। मंदिर सूत्रों के मुताबिक सिर्फ शनिवार को एक ही दिन में 1876 दर्शनार्थियों ने 500 रुपए देकर दर्शन किए। जिससे मंदिर समिति को 9 लाख 38 हजार रुपए की आय सिर्फ एक दिन में हुई है।
गर्भगृह छोटा-दरवाजा एक, इस कारण व्यवस्था कारगर नहीं
कालभैरव मंदिर गर्भगृह छोटा है। इसमें दो दरवाजे हैं। जिसमें एक दरवाजे से आम श्रद्धालु के दर्शन (बाहर से) होते हैं। जबकि दूसरे से शीघ्र दर्शन के श्रद्धालु अंदर जाकर दर्शन करते हैं। इनके बाहर भी उसी दरवाजे से आना है, इस कारण दिनभर में सिर्फ सीमित लोगों को ही दर्शन कराए जा सकते हैं।
शनिवार-रविवार सिर्फ प्रोटोकाल दर्शनार्थियों को सुविधा: शनिवार को अचानक भीड़ बढऩे के कारण मंदिर समिति ने तय किया है कि शनिवार और रविवार को आम दर्शनार्थियों को शीघ्र दर्शन सुविधा नहीं दी जाए। सिर्फ प्रोटोकाल से आने वाले दर्शनार्थियों को ही शीघ्र दर्शन कराएं। इस कारण रविवार को आम दर्शनार्थियों को शीघ्र दर्शन सुविधा नहीं दी गई।
वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार
मंदिर सूत्रों के मुताबिक समिति अब शीघ्र दर्शन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर भी विचार कर रही है। जिसके तहत शीघ्रदर्शन के दर्शनार्थी को गर्भगृह में प्रवेश नहीं देते हुए बाहर से ही बिना कतार दर्शन कराए जा सकें। इसके लिए दर्शन शुल्क भी कम (करीब २५० रुपए) रखने पर विचार किया जा रहा है।
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इनका कहना
बढ़ती भीड़ को देखते हुए शनिवार-रविवार को आम दर्शनार्थियों को शीघ्र दर्शन सुविधा देना स्थगित किया गया है। अन्य दिनों में शीघ्र दर्शन सुविधा मिलेगी। अन्य वैकल्पिक दर्शन व्यवस्था पर भी विचार चल रहा है। – संध्या मार्केण्डय, मंदिर समिति प्रशासक









