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उज्जैन-कोरोना: अब अंतिम संस्कार के बाद मोक्ष के लिये भी लोगों की फजीहत

सीएसपी टीम के साथ पहुंची रामघाट… कहा- कर्मकांड करते दिखे तो करेंगे 188 की कार्रवाई

 

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उज्जैन।कोरोना संक्रमण की चपेट में आये गंभीर मरीजों की संदिग्ध मौतों का सिलसिला जारी है। श्मशान में अंतिम संस्कार के लिये ओटले कम पडऩे पर नये ओटलों का निर्माण हो रहा है वहीं दूसरी ओर मृतकों के परिजनों द्वारा मृत्यु पश्चात किये जाने वाले कर्मकांड पर भी पुलिस ने प्रतिबंध लगा दिया है। सुबह सीएसपी की टीम रामघाट पहुंची और कर्मकांड करवा रहे पंडों को हिदायत दी कि यदि घाट के आसपास भी नजर आये तो धारा 188 के तहत कार्रवाई करेंगे।

कोरोना संदिग्ध अथवा संक्रमित की मृत्यु के बाद उसका परिजन विधिवत अंतिम संस्कार नहीं कर पाते। शव को अस्पताल से पैक कर सीधे विद्युत या सीएनजी शवदाह गृह में अंतिम संस्कार कर दिया जाता है। ऐसे लोगों के परिजन मृतात्मा की शांति के लिये 13 दिनों तक हिंदू रीति रिवाज के अनुसार घर और घाट पर कर्मकांड करते हैं। शहर में सिद्धनाथ और रामघाट पर पंडों द्वारा कर्मकांड सम्पन्न कराये जाते हैं। शहर में कोरोना कफ्र्यू लागू होने के बाद सिद्धनाथ घाट पर कर्मकांड कार्य प्रतिबंधित कर दिया गया था, लेकिन रामघाट पर पंडों द्वारा इस कार्य को कोरोना नियमों का पालन करते हुए सम्पन्न कराया जा रहा था।

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सुबह सीएसपी नीलम बघेल, महाकाल थाने की पुलिस टीम के साथ रामघाट पहुंची। यहां कर्मकांड करा रहे पंडों को हिदायत दी कि यदि किसी प्रकार का पूजन अथवा कर्मकांड कराया तो धारा 188 के तहत कार्रवाई की जायेगी। पंडों ने सीएसपी को बताया कि मृतक के परिवार के सिर्फ दो सदस्य हमारे ओटले या निश्चित स्थान पर आ रहे हैं। कोरोना नियमों के अनुसार ही कर्मकांड सम्पन्न कराये जा रहे हैं। यजमान पिण्डदान आदि विधि के लिये नदी तक जाते हैं। भीड़ लगाकर या बिना मास्क के कोई काम नहीं किया जा रहा, लेकिन सीएसपी बघेल ने घाट और इसके आसपास किसी प्रकार के कर्मकांड पर प्रतिबंध की बात कहकर पंडों को यहां से हटा दिया।

ऐसे तो परेशान हो जाएंगे लोग
प्रशासन द्वारा कोरोना कफ्र्यू में निश्चित समय के लिये छूट दी जा रही है उसी समय में कर्मकांड कार्य सम्पन्न कराने की छूट दी जाना चाहिये। यदि इस प्रकार का प्रतिबंध लागू रहा तो लोग परेशान हो जाएंगे, क्योंकि अस्थी संचय के बाद कर्मकांड पूर्ण होने पर उनका विधिवत विसर्जन किया जाता है।

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