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उज्जैन-कोरोना योद्धा: जिन्होंने पॉजीटिव आने के बाद नहीं हारी हिम्मत

उज्जैन।उज्जैन। कोरोना पॉजिटिव आते ही लोग घबरा जाते हैं, पंरतु कुछ लोग ऐसे भी जो जिन्होंने इस संकट का सामना डटकर किया और अपने साथ ही परिवार का मनोबल भी बढ़ाया। आज सभी कोरोना का हराकर योद्धा बन गए हैं।

 

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चंद्रशेखर पिता रामदीन कहार निवासी त्रिवेणी विहार ने बताया कि उसकी आयु 36 वर्ष है। 12 अप्रैल को इनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। तब से घर पर ही होम आइसोलेट होकर इलाज चल रहे हैं। बीच में कई परेशानी आई, क्योंकि ऑक्सीजन का लेवल कम हो जाता था, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी। योगा और एक्सरसाइज करते रहे। छोटे भाई छन्नू, लक्ष्मण, माता-पिता-बहन हौंसला बढ़ाते रहे। साथ ही मित्र मोनू, मुन्ना, अमित, संदीप, मनोज मामा ने भी मदद की।चंद्रशेखर कोरोना रिपोर्ट आने के दूसरे दिन फेफड़ों में संक्रमण ज्यादा होने के कारण सुबह 5.30 बजे ऑक्सीजन लेवल 82 पर चला गया। घबराहट होने और मन विचलित होने पर गर्म पानी पीया। करीब 10 से 15 मिनट भाप ली। इससे ऑक्सीजन लेवल 93 से 94 पर आ गया।

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अमित मिश्रा निवासी ऋषि नगर, एलआईसी में सहायक पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि वे घबराए नहीं और तय कर लिया था कि कोरोना को हराना ही है। डॉक्टर ने जो दवाईयां दी उन्हें खाया और निर्देशों का पालन किया। स्वयं को आयसोलेट किया। व्यायाम करना, कसरत करने साथ ही खुद को मोटिवेट करके इस बीमारी से बाहर निकल आया।

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नीति शर्मा ने बताया की उनके पूरे परिवार में 6 लोग इस बीमारी से पीडि़त है। हम लोगों ने हिम्मत नहीं हारी और हम अपना उपचार करवा रहे हैं। हालांकि मेरा भाई अभी गंभीर है और वह सीएचएल हॉस्पिटल में भर्ती है। साथ ही मेरी नानी 98 वर्ष की है और वह भी स्वस्थ हैं। मेरे यहां सबसे छोटी गुडिय़ा 9 वर्ष की है वह ठीक है। हमने स्वयं को आयसोलेट कर रखा है। हम दवाईयां ले रहे हैं और घर में रहते हुए सकारात्मक सोच के साथ एक दूसरे का उत्साह बढ़ाते हैं। हम योग,व्यायाम करते हैं तथा मोबाइल पर फिल्म देखने,मनोरंजन करके समय व्यतीत कर रहे हैं। रिश्तेदारों के फोन आते हैं तो वे भी उत्साह बढ़ाते हैं। इससे आत्मविश्वास बढ़ा है और हम ठीक हो रहे हैं।

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