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नए विधायक और नई सरकार तय करेगी कहां बनेगा नया फ्रीगंज ब्रिज

सेठी बिल्डिंग से चामुंडा माता मंदिर की ओर बनाने का प्रस्ताव नए सिरे से करना होगा तैयार

 

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मेडिकल कॉलेज का भविष्य भी तय करेगा दक्षिण सीट का नया विधायक…

अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन:प्रदेश में नई सरकार बनने और उज्जैन उत्तर और दक्षिण क्षेत्र में नए विधायकों के निर्वाचन पर शहर के दो बड़े प्रोजेक्ट भी आधारित हैं। फ्रीगंज ओवरब्रिज और मेडिकल कॉलेज के भविष्य भी नए सिरे से तय हो सकते हैं। दोनों प्रोजेक्ट बनना तय है, सिर्फ जगह को लेकर निर्णय में बदलाव के आसार बताए जा रहे।

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फ्रीगंज में मौजूदा ब्रिज के समानांतर नया ब्रिज बनाने के लिए राज्य सरकार 91 करोड़ 76 लाख और 92 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दे चुकी है। इसे इंदिरा गांधी चौराहे से चामुंडा माता मंदिर चौराहे तक बनाने की स्वीकृति है। लोक निर्माण विभाग सेतु के अधिकारियों ने टेंडर लगाने से पहले फिजिकल वेरिफिकेशन किया है, जिसमें यह सहमति बन रही है कि इसकी जगह बदल दी जाए तो कई अड़चनें दूर हो सकती हैं। साथ ही इसका खर्च भी कम हो सकता है। इसके लिए सरकार को नए सिरे से प्रस्ताव भेजना पड़ेगा।

बोस्ट्रिंग ब्रिज की योजना पर भी मंथन

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सेतु विभाग फ्रीगंज में बोस्ट्रिंग ब्रिज बनाने का ऑप्शन लेकर भी चल रहा है। बोस्ट्रिंग ब्रिज को कम ऊंचाई पर भी बनाया जा सकता है, ताकि एप्रोच रोड की लंबाई ज्यादा न करना पड़े। अगर सरकार मौजूदा जगह ही नया ब्रिज बनाने पर अडिग रही तो इसी तकनीक से ब्रिज बनाया जा सकता है, क्योंकि रेलवे इस ब्रिज को बनाने के लिए तैयार नहीं है।

बोस्ट्रिंग ब्रिज एक आर्च ब्रिज है, जिसमें ब्रिज के वजन और उसके भार को प्रत्येक छोर पर समर्थन पर वितरित करने के लिए एक आर्च का उपयोग करते हैं। इस प्रकार के ब्रिज में एक घुमावदार आर्च होता है।

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