निगम में मितव्यता : ई-स्कूटर पर निकले निगमायुक्त मिश्रा, कहा- सिंहस्थ मार्ग को बनाएं आदर्श मार्ग

ईंधन की बचत और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश, सुबह 6 बजे अधिकारियों के साथ किया पैदल भ्रमण
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। पेट्रोल-डीजल के मितव्ययिता पूर्ण उपयोग करने कोशिश के तहत शुक्रवार को निगमायुक्त अभिलाष मिश्रा ने इलेक्ट्रिक स्कूटर की सवारी की। ओला कंपनी के ब्लू रंग के स्कूटर पर सिर पर हेलमेट लगा कर निकले आयुक्त ने निगम के मार्ग चौड़ीकरण कामों का मुआयना किया। उन्होंने हनुमान नाका से लेकर हरिफाटक ब्रिज सड़क चौड़ीकरण को देखा।
मिश्रा सुबह 6 बजे ही निगम अधिकारियों की टीम के साथ लोति स्कूल तिराहे पर पहुंच गए थे। यहां उन्होंने स्कूटर खड़ा किया और हनुमान नाका चौराहा तक पैदल घूमें। उन्होंने मार्ग का सौंदर्यीकरण करते हुए इसे एक आदर्श मार्ग के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। क्योंकि यह मार्ग पेशवाई मार्ग है और नीलगंगा से साधु-संतों की पेशवाई गुजरती है।
कचरा गाड़ी रोककर देखा सेग्रीगेशन, हेल्पर को फटकार
मुआयने के दौरान गुजर रहे कचरा कलेक्शन वाहन को भी उन्होंने रोककर देखा। वाहन में गीले और सूखे कचरे का सेग्रीगेशन ठीक नहीं होने पर उन्होंने हेल्पर और आईईसी टीम सदस्यों को फटकार भी लगाई। कहा, हेल्पर का काम सिर्फ गाड़ी में बैठना नहीं है, बल्कि कचरे की ठीक से मॉनिटरिंग करना भी है। उन्होंने निर्देश दिए कि नागरिकों से गीला और सूखा कचरा अलग-अलग ही लिया जाए और जो ऐसा नहीं कर रहे हैं, उन्हें समझाइश देकर घर में दो डस्टबिन रखने के लिए प्रेरित किया जाए। इस दौरान अपर आयुक्त पवन कुमार सिंह, उपायुक्त योगेंद्र सिंह पटेल, संजेश गुप्ता, जोनल अधिकारी मनोज राजवानी, स्वास्थ्य अधिकारी आनंद विजय सिंह राठौड़, सब इंजीनियर सचिन जायसवाल, स्वच्छता निरीक्षक मनीष पांडे एवं क्षेत्र के दरोगा साथ थे।
अधिकारियों को यह निर्देश भी दिए
मार्ग किनारों की दीवारों पर सुंदर चित्रकारी (वॉल पेंटिंग) की जाए और स्वच्छता से जुड़े प्रेरक स्लोगन लिखे जाएं।
मार्ग के अवैध अतिक्रमण और गुमटियां सख्ती से हटाएं।
डिवाइडर और रेलिंग की सफाई करें और उनकी रंगाई-पुताई भी।
सड़क पर लोग कचरा न फेंकें, इसके लिए पूरे मार्ग पर थोड़ी-थोड़ी दूरी पर लिटर बिन (कूड़ेदान) लगाए जाएं।









