Advertisement

पश्चिमी विक्षोभ के कारण रोहिणी में गिरा पानी, 2 मिमी बारिश दर्ज

रात का तापमान 5 डिग्री और दिन का 2.5 डिग्री लुढ़का

 

Advertisement

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। बंगाल की खाड़ी से उठे पश्चिमी विक्षोभ के कारण रोहिणी के छठे दिन शनिवार को शहर तरबतर हो गया। तड़के आसमान में एकाएक बादल छाए और सुबह करीब 7 बजे से बरसात शुरू हो गई। करीब आधे घंटे तक बारिश का दौर चलता रहा। यह करीब आधे घंटे के लिए थमा और 8 बजे से फिर शुरू हो गया।

हालांकि, बाद में धूप निकल आई और आसमान साफ हो गया। अचानक बदले मौसम का असर रात के तापमान पर देखा गया। वेधशाला में सुबह तापमान 22 डिग्री दर्ज किया गया। यह शुक्रवार के 27 डिग्री के मुकाबले 5 डिग्री कम है। इसी तरह दिन के तापमान मेें भी कमी देखी गई। शुक्रवार को दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। गुरुवार को यह 42.5 डिग्री सेल्सियस था। ज्योतिष विज्ञान के अनुसार पानी सड़कों पर बह गया है ऐसे में अल्पवृष्टि की आशंका नहीं है।

Advertisement

दरअसल, मौसम शुक्रवार से ही बदलाव के संकेत दे रहा था, क्योंकि हवा की गति 10 किलोमीटर प्रतिघंटे की हो गई थी। अच्छी हवा के कारण रात सुकूनदायक थी और सुबह तो बादलों के जमघट ने मौसम पूरी तरह बदल दिया। बारिश की वजह से सड़कें तरबतर हो गईं और पानी बह निकला।

मौसम को हवाओं की रफ्तार ने और हसीन कर दिया। कोठी रोड पर सैलानी सैर के दौरान इसका आनंद लेते दिखाई दिए। वेधशाला में सुबह 8 बजे तक 2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। 8 बजे की बाद हुई बारिश का आंकड़ा शाम को अपडेट होगा। वेधशाला अधीक्षक डॉ. राजेंद्र प्रसाद गुप्त ने बताया कि बंगाल की खाड़ी से उठे पश्चिम विक्षोभ के कारण 29-30 मई को बारिश की संभावना जताई गई थी। वैसा ही हो रहा है। गुप्त के मुताबिक प्री-मानसून एक्टिविटी भी शुरू हो गई है। ऐसे में अब बारिश होने की संभावना बनी रहेगी।

Advertisement

खेती के लिए ठीक नहीं

रोहिणी में हुई बारिश शास्त्र के हिसाब से ठीक नहीं है। शास्त्रों का पठन-पाठन करने वाली संस्था अक्षरपीठ के सचिव रामचंद्र नायक ने बताया कि शास्त्रों के हिसाब से रोहिणी नक्षत्र में बारिश होना ठीक नहीं है। रोहिणी नक्षत्र में सूर्य के ताप से धरती तपती है। ऐसे में खेतों को बखेरने पर फास्फोरस जैसे तत्वों की मौजूदगी बढ़ती है। बारिश होने से धरती पूरी तरह तप नहीं पाती, ऐसे में खेती खराब होने का अंदेशा रहता है।

3 इंच बारिश होने पर बोवनी करें
कृषि विभाग के उपसंचालक यूएस तोमर कहते हैं कि यह बारिश खेत तैयार करने के लिए ठीक है। कहा भी जाता है कि बारिश का पहला पानी खेत में उतरना चाहिए। हालांकि, अभी बहुत थोड़ी बारिश हुई है, ऐसे में बोवनी नहीं करनी चाहिए। तोमर के मुताबिक उज्जैन में गर्मी की मूंग और मक्का होती है, उन फसलों के लिए यह बारिश लाभदायक है।

प्री-मानसून एक्टिविटी शुरू
डोंगला वेधशाला के प्रकल्प प्रभारी घनश्याम रत्नानी कहते हैं कि उज्जैन में बारिश प्री-मानसून एक्टिविटी के तहत हो रही है। 1 से 3 जून के बीच अच्छी बारिश के संकेत है। रोहिणी में पानी गिरना अशुभ नहीं है।

रोहिणी गली नहीं है
विक्रम विश्वविद्यालय के ज्योतिष विभाग के लेक्चरार डॉ. सर्वेश्वर शर्मा कहते हैं कि रोहिणी में फुहार गिरने पर अल्पवृष्टि की आशंका रहती है। अगर पानी बह जाता है तो फिर यह आशंका नहीं रहती। शनिवार को पानी इतना गिरा है कि सड़कों पर वह बह निकला है। ऐसे में अल्पवृष्टि होने की आशंका नहीं रहेगी।

Related Articles

📢 पूरी खबर पढ़ने के लिए

बेहतर अनुभव के लिए ऐप का उपयोग करें

ऐप में पढ़ें
ऐप खोलें
ब्राउज़र में जारी रखें