फर्जी आधार बनवाया, उस्तरा खरीदा और कर दी प्रोफेसर की हत्या! ऐसे खुली पति-पत्नी की पूरी साजिश

दिल्ली विश्वविद्यालय की प्राध्यापिका देबोस्मिता पॉल की हत्या के मामले में दिल्ली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड में शामिल पति-पत्नी और उनके नाबालिग बेटे को पश्चिम बंगाल के बर्धमान से गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हत्या की वजह लंबे समय से चल रहा संपत्ति विवाद था।
सीसीटीवी फुटेज से मिला पहला बड़ा सुराग
शिवाजी कॉलेज के अंग्रेजी विभाग में सहायक प्राध्यापक के पद पर कार्यरत देबोस्मिता पॉल की 3 जून को पूर्वी दिल्ली स्थित उनके फ्लैट में हत्या कर दी गई थी। जांच के दौरान पुलिस को इमारत के सीसीटीवी कैमरों में तीन संदिग्ध दिखाई दिए, जो वारदात से पहले और बाद में भवन में आते-जाते नजर आए।
पुलिस के अनुसार आरोपियों के जबरन फ्लैट में घुसने या चोरी के कोई सबूत नहीं मिले, जिससे शक गहराया कि हत्या किसी परिचित व्यक्ति ने की है। सीसीटीवी फुटेज में पति-पत्नी मास्क पहने हुए दिखाई दिए, जिससे पुलिस को लगा कि वे अपनी पहचान छिपाने की कोशिश कर रहे थे।
हत्या के बाद बदले कपड़े, बाहर से बंद किया फ्लैट
जांच में पता चला कि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने फ्लैट को बाहर से बंद कर दिया और टैक्सी तथा ऑटो की मदद से फरार हो गए। रास्ते में उन्होंने कपड़े भी बदले ताकि पहचान न हो सके। पुलिस ने आसपास के इलाकों और आवासीय परिसर के कई कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगालकर उनकी गतिविधियों का पूरा ब्यौरा जुटाया।
फर्जी पहचान पत्रों का किया इस्तेमाल
पुलिस के अनुसार आरोपी परिवार दिल्ली आने के बाद मयूर विहार क्षेत्र के एक अतिथि गृह में रुका था। वहां उन्होंने अपनी वास्तविक पहचान छिपाने के लिए दूसरे लोगों के आधार कार्ड का इस्तेमाल किया। जांच के दौरान मिले दस्तावेजों और उनसे जुड़े दूरभाष नंबरों की निगरानी की गई, जिससे पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले।
ट्रेन से भागकर पहुंचे बर्धमान
हत्या के बाद आरोपी परिवार आनंद विहार पहुंचा और उसी दिन शाम को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से पूर्वा एक्सप्रेस के जरिए बर्धमान रवाना हो गया। तकनीकी निगरानी, सीसीटीवी फुटेज और यात्रा रिकॉर्ड के आधार पर दिल्ली पुलिस ने उनकी गतिविधियों पर नजर बनाए रखी।
6 जून को पुलिस की टीम बर्धमान पहुंची और एक दिन बाद तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया।
हत्या में इस्तेमाल उस्तरा और अन्य सामान बरामद
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मृतक का मोबाइल फोन, हत्या में प्रयुक्त उस्तरा, घटना के समय पहने गए कपड़े, टोपी, बैग, रेल टिकट और अन्य यात्रा संबंधी दस्तावेज बरामद किए हैं। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
संपत्ति खाली कराने को लेकर बढ़ा था विवाद
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी परिवार वर्ष 2023 से बर्धमान स्थित देबोस्मिता पॉल की पैतृक संपत्ति में किराएदार के रूप में रह रहा था। प्राध्यापिका लगातार उन्हें मकान खाली करने के लिए कह रही थीं, जिसके चलते दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ता गया।
पुलिस का मानना है कि संपत्ति खाली करने की अंतिम चेतावनी मिलने के बाद आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से दिल्ली पहुंचकर हत्या की साजिश रची और वारदात को अंजाम दिया। मामले की आगे की जांच जारी है।









