सगे चाचा ने फावड़ा मार कर की थी भतीजे की हत्या

अनजान बन मौके पर ही घूमता रहा आरोपी, पुलिस की निगाह से नहीं बच सका
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। मुरलीपुरा (मुल्लापुरा) क्षेत्र में सोमवार शाम को तबेले में हुई हत्या के मामले में पुलिस ने मृतक के सगे चाचा को हिरासत में लिया है। दोनों एक ही जगह नौकरी करते थे और मामूली बात पर झगड़ बैठे। काम के बंटवारे में विवाद हुआ और चाचा ने फावड़ा मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है।
महाकाल पुलिस को सोमवार शाम करीब 6.30 बजे मुरलीपुरा में मवेशियों के बाड़े में हत्या की सूचना मिली थी। एफएसएल टीम के साथ मौके पर पहुंची महाकाल पुलिस ने लाश कब्जे में ली। मृतक मुकेश पिता कैलाश नायक (33) निवासी मुरलीपुरा है। मुकेश पास ही सुभाष रायकवार के तबेले पर पिछले चार सालों से काम कर रहा था। करीब दो साल पहले उसने अपने सगे चाचा मनोहर पिता हरिदास को भी वहीं काम पर रख लिया। अब दोनों मिलकर मवेशियों को संभालते थे। दोनों का खाना तबेला मालिक सुभाष के घर से आता था।
सोमवार को मुकेश और चाचा मनोहर पास ही स्थित सुभाष रायकवार के घर गए। सुभाष उस वक्त बेटी के इलाज के लिए उज्जैन आया था। सुभाष की पत्नी से खाना लाकर दोनों ने तबेले में खाना खाया। इसके बाद काम के बंटवारे को लेकर विवाद हुआ और मनोहर ने मुकेश के सिर पर सोते वक्त फावड़ा दे मारा। जिससे उसकी मौत हो गई।
हत्या के बाद मनोहर ने मुकेश का शव कपड़े से ढंक दिया और सुभाष के पास जाकर चाय के रुपए लेकर चला गया। इसी बीच सुभाष तबेले पर आया तो उसे वहां मुकेश की लाश मिली। मनोहर को बुलाया तो वो घटना से अनभिज्ञ बन कहने लगा कि मैं तो चाय पीने गया था। तब मुकेश सो रहा था। इसके बाद कोई आकर उसे मार गया। घटना की सूचना मिलते ही मुकेश का भाई लखन अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचा। पुलिस को सूचना दी गई।
होशियारी ज्यादा देर नहीं टिक सकी
महाकाल पुलिस ने घटना के बारे में तबेला मालिक सुभाष और मुकेश के चाचा मनोहर से बार-बार पूछताछ की तो मनोहर की होशियारी ज्यादा देर नहीं टिक सकी। फोरेंसिक टीम के हत्या के टाइमिंग और अन्य सबूतों के आधार पर जब मनोहर से सख्ती की गई तो देर रात उसने पूरी सच्चाई उगल दी। मनोहर का कहना था कि मुकेश उससे ज्यादा काम करवाता था, इस कारण विवाद के बाद गुस्से में उसने फावड़ा दे मारा।









