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चरक अस्पताल : 18 वार्ड में 25 कूलर जैसे ऊंट के मुंह में जीरा

100 से अधिक कमरों में ठंडक के लिए और कूलर की जरूरत

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। चरक अस्पताल में मरीजों को राहत देने के लिए कलेक्टर के निर्देश पर हाल ही में कूलर बढ़ाए गए हैं। फिलहाल 25 कूलर यहां लगाए गए हैं लेकिन चरक अस्पताल में यह भी ऊंट के मुंह में जीरा के बराबर है। चरक अस्पताल जो कि पहले सिर्फ प्रसूति, महिला रोग उपचार और नवजात बच्चों की गहन चिकित्सा ईकाई के रूप में स्थापित किया गया था, वर्तमान में इसे जिला चिकित्सालय के रूप में संचालित किया जा रहा है। सात मंजिला भवन के पांच मंजिल का उपयोग फिलहाल हो रहा है जिसमें करीब 18 वार्ड, डॉक्टर व अन्य एक्सपर्ट के लिए 100 से अधिक कमरे हैं। अस्पताल के ग्रांउड फ्लोर पर ही 55 कमरे ऐसे हैं जिनका स्वास्थ्य सुविधाओं में उपयोग हो रहा है।

वार्डों में भी कूलर कम
पिछले दिनों अक्षरविश्व ने वार्डों में कूलर नहीं होने की समस्या संबंधी खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। मरीज अपने स्तर पर ही पंखे-कूलर लेकर आए थे। यह बात उजागर होते ही कलेक्टर के निर्देश के बाद यहां तुरंत 25 कूलर बुलवाए गए और इन्हें वार्डों, नर्स-स्टॉफ रूम आदि में लगवाए गए हैं। फिलहाल वार्ड में एक या दो कूलर लगाए गए हैं जो कि इस तेज गर्मी में काफी कम है। यहां और कूलर बढ़ाने की जरूरत है।

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20 कूलर और बुलाए हैं
चरक अस्पताल में 25 कूलर तो नए लगा दिए हैं। 20 कूलर और बुलवाए हैं। इसके बाद भी कमी महसूस होती है तो कूलर और बढ़ाएंगे।
– डॉ. संगीता पलसानिया, सिविल सर्जन

 

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सील क्लीनिक दोबारा खोला, लेडी डॉक्टर पर मुकदमा

बिना रजिस्ट्रेशन चल रहा था कमला की दवा नि:स्वार्थ सेवा क्लीनिक

उज्जैन। बिना अनुमति चल रहे फर्जी क्लीनिक को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सील किया। बाद में डॉक्टर ने उस सील को तोड़कर दोबारा अस्पताल शुरू कर दिया। डॉक्टर की इस हरकत पर मुकदमा दर्ज किया गया है। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस ने पहली बार किसी डॉक्टर के खिलाफ सीधे नामजद एफआईआर दर्ज की है। मामला बडऩगर के आजाद चौक स्थित ‘कमला की दवा नि:स्वार्थ सेवा क्लीनिक’ का है, जहां की संचालक डॉ. पल्लवी मंडल के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।

स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम 15दिनों से जिलेभर में फर्जी और अवैध रूप से चल रहे क्लीनिक/ अस्पताल की जांच कर रही है। इसी अभियान के तहत 22 मई को टीम ने बडऩगर के आजाद चौक स्थित इस क्लीनिक पर छापा मारा था। जांच के दौरान संचालक डॉ. पल्लवी मंडल और सरोज मंडल क्लीनिक से जुड़े कोई भी वैध दस्तावेज या रजिस्ट्रेशन पेश नहीं कर पाए। मध्यप्रदेश नर्सिंग होम अधिनियम 1973 की धारा 3 के तहत इस संस्था का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। इसके बाद टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए क्लीनिक को सील कर दिया था।

क्लीनिक खोलकर सोशल मीडिया पर डाला वीडियो

प्रशासनिक कार्रवाई के महज तीन दिन बाद ही डॉ. पल्लवी मंडल ने सील तोड़कर कर क्लीनिक को दोबारा खोल दिया। डॉक्टर ने बकायदा एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया जिसमें क्लीनिक को फिर से शुरू करने और मरीजों का इलाज जारी रहने की बात कही गई थी। वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों तुरंत संज्ञान लिया और बडऩगर थाने में आवेदन दिया। बडऩगर टीआई अशोक पाटीदार ने बताया कि डॉ. पल्लवी मंडल के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जमानती अपराध होने के कारण गिरफ्तारी नहीं की गई है। मामले में जांच की जा रही है।

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