पहचान छिपाकर दोस्ती और फिर गैंगरैप किया, गोमांस और धर्म परिवर्तन की बात आई सामने

14 मई 2026 को दिल्ली के जामिया नगर थाने में 23 वर्षीय युवती ने 6 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई। युवती ने मेरठ के रहने वाले फहीम, उसके माता-पिता, दो भाइयों और अन्य लोगों पर अगवा करने, बंधक बनाने, गैंगरेप, ब्लैकमेलिंग और धर्मांतरण के दबाव के गंभीर आरोप लगाए हैं।

युवती के अनुसार, आरोपी उसे लंबे समय तक मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते रहे और उसे जबरन अपने कब्जे में रखा गया।
इंस्टाग्राम से शुरू हुई दोस्ती, पहचान छिपाकर संपर्क
पीड़िता ने बताया कि नवंबर 2021 में इंस्टाग्राम पर उसे “साहिल” नाम से फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली थी। धीरे-धीरे बातचीत बढ़ी और दोस्ती गहरी हो गई।
मार्च 2022 में आरोपी ने उसे दिल्ली के बाटला हाउस (जाकिर नगर) बुलाया। वहां उसे एक फ्लैट में ले जाया गया, जहां उसके अनुसार उसे जूस में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया गया और उसके बाद उसके साथ दुष्कर्म किया गया।
पीड़िता का आरोप है कि इस दौरान उसकी अश्लील वीडियो और फोटो भी बना लिए गए और उन्हें वायरल करने की धमकी देकर उसे डराया गया।
पिस्टल दिखाकर अपहरण, असली पहचान का खुलासा
युवती ने आगे बताया कि बाद में उसे पिस्टल दिखाकर धमकाया गया और मेरठ के सठला गांव ले जाया गया।
वहीं जाकर उसे पता चला कि “साहिल” का असली नाम फहीम है और वह मुस्लिम समुदाय से है। इसके बाद उसके अनुसार उसके साथ और भी अत्याचार शुरू हुए।
पीड़िता का आरोप है कि फहीम और उसके परिवार ने उसे घर में रोक लिया और उसके साथ लगातार शारीरिक और मानसिक शोषण किया गया।
जबरन धर्मांतरण, निकाह और प्रताड़ना के आरोप
पीड़िता के अनुसार उसे जबरन बुर्का पहनने, नमाज पढ़ने और गोमांस खाने के लिए मजबूर किया गया। मना करने पर उसके साथ मारपीट की जाती थी।
उसका आरोप है कि एक मदरसे में उसका निकाह भी जबरन फहीम से करा दिया गया। मौलवी ने उससे कहा कि वह “खुशनसीब है” और उसे जन्नत मिलेगी।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि उसे लगातार धमकाया जाता था और परिवार के दबाव में उसे कई बार झूठ बोलने के लिए मजबूर किया गया, जिसमें कोर्ट मैरिज का दावा भी शामिल था।
गर्भधारण और बेटी का जन्म
पीड़िता के अनुसार वह तीन महीने की गर्भवती हो गई थी और 2023 में उसने एक बेटी को जन्म दिया। उसका कहना है कि उस पर बच्चे को रखने का दबाव बनाया गया।
कई महीनों तक कैद जैसी जिंदगी और धमकियां
पीड़िता ने बताया कि उसे लंबे समय तक मेरठ और बाद में दिल्ली में रखा गया। इस दौरान उसे लगातार धमकाया जाता रहा और किसी से संपर्क नहीं करने दिया गया।
उसके अनुसार आरोपी के परिवार में अन्य लोगों को भी इसी तरह की गतिविधियों में शामिल बताया गया है।
दिल्ली वापसी और FIR दर्ज कराने की वजह
पीड़िता ने बताया कि नवंबर 2024 में आरोपी जेल गया, जिसके बाद वह किसी तरह दिल्ली लौट आई।
हालांकि आरोपी के परिवार की ओर से धमकियों के कारण वह लंबे समय तक डर में रही। बाद में मानसिक तनाव बढ़ने पर उसने 10 मई को आत्महत्या का प्रयास भी किया, जिसे उसके भाई ने रोक लिया।
इसके बाद उसने हिम्मत जुटाकर 14 मई को जामिया नगर थाने में FIR दर्ज कराई।
आरोपी और परिवार पर गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि के आरोप
रिपोर्ट के अनुसार आरोपी फहीम के खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसके परिवार के सदस्यों पर भी गंभीर आरोप बताए गए हैं।
गांव के कुछ लोगों ने अनौपचारिक रूप से इसे आपराधिक प्रवृत्ति वाला परिवार बताया, हालांकि परिवार ने आरोपों से इनकार किया है।
aपुलिस जांच और कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में 6 में से 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें फहीम के माता-पिता, भाई और एक मौलवी शामिल हैं। एक भाई और बहन फरार बताए जा रहे हैं।
पुलिस के अनुसार मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और पीड़िता के सभी आरोपों की सत्यता की पुष्टि की जा रही है।









