प्रतिबंध के बाद भी चायना डोर से हो रही पतंगबाजी

पुलिस का ध्यान सिर्फ पतंग दुकान संचालकों पर

अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन चायना डोर के उपयोग से पतंगबाजी करना लोगों की जान का दुश्मन बन जाता है। इसी के चलते पुलिस द्वारा उक्त डोर के विक्रय और उपयोग पर धारा 188 के तहत प्रतिबंध लगाया है, लेकिन वर्तमान में पतंगबाज पुरानी चायना डोर का उपयोग कर पतंगबाजी कर रहे हैं।
मकर संक्रांति पर्व पर शहर में पतंगबाजी की परंपरा है, लेकिन अनेक शौकीन लोग पर्व के पहले से ही पतंग उड़ाना शुरू कर देते हैं। इन दिनों भी अपने घर की छतों से लोगों को पतंगबाजी करते देखा जा सकता है। खास बात यह है कि उक्त पतंगबाज घर में रखी पुरानी चायना डोर का उपयोग कर रहे हैं, जबकि पुलिस द्वारा चायना डोर के उपयोग और विक्रय पर प्रतिबंध लगाया है।
शहर में चायना डोर से पतंगबाजी का उदाहरण मंगलवार को हरिफाटक ब्रिज पर इंदौर से आए युवक के घायल होने की घटना से सामने आया है। उक्त युवक चायना डोर की चपेट में आकर गंभीर घायल हुआ था जिसका जिला अस्पताल में उपचार कराया गया, जबकि पुलिस द्वारा पतंग दुकानों पर सर्चिंग के साथ ही व्यापारियों को निर्देश दिये हैं कि यदि चायना डोर की खरीदी-बिक्री करने के साथ उपयोग करते हुए पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ धारा 188 के तहत कार्रवाई करते हुए मकान तोडऩे की कार्रवाई भी की जायेगी।
छतों से होती पतंगबाजी पर पुलिस की नजर नहीं
जीरोपाइंट ब्रिज पर चायना डोर की चपेट में आने से युवती की मृत्यु कुछ वर्ष पूर्व हुई थी जबकि प्रतिवर्ष चायना डोर की चपेट में आकर अनेक वाहन चालक घायल होते रहे हैं। इसी के मद्देनजर पुलिस द्वारा अपने-अपने थाना क्षेत्र में अभियान चलाकर लोगों को जागरूक करने के साथ चायना डोर व्यापारियों पर कार्रवाई भी की इसके बावजूद अनेक पतंगबाजों के पास चायना डोर मौजूद हैं और वे संक्रांति के पूर्व ही इसका उपयोग कर पतंगबाजी कर रहे हैं। पिछले वर्ष पुलिस द्वारा छतों से पतंगबाजी करने वालों पर नजर रखने के साथ ही वहां पहुंचकर डोर की जांच भी की थी। हालांकि वर्तमान में पुलिस द्वारा ऐसा कोई अभियान नहीं चलाया जा रहा है।









