Saturday, January 28, 2023
Homeउज्जैन समाचारफर्जी चेक कैसे बना, पुलिस को नहीं पता

फर्जी चेक कैसे बना, पुलिस को नहीं पता

एक आरोपी रिमाण्ड पर, दूसरा जेल गया, अब सरगना की तलाश

उज्जैन।बैंक में फर्जी चेक लगाकर लाखों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में माधव नगर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर रुपये भी बरामद किये हैं, लेकिन पुलिस को अब भी सरगना की तलाश है जिससे पूछताछ के बाद यह खुलासा होगा कि फर्जी चेक बना कैसे और रुपये निकालने के लिये क्या तरीका अपनाया गया।

पुलिसकर्मी भी हुआ शिकार

टीआई लोधा के अनुसार फर्जी चेक लगाकर बैंक से रुपये निकालने वाला गिरोह अंतर्राज्यीय है। गिरोह के सदस्यों ने रेनी पाको के अलावा भेरूगढ़ थाने में पदस्थ एएसआई सहित एक अन्य व्यक्ति के बैंक खाते से भी फर्जी चेक लगाकर राशि निकाली गई है। गिरोह द्वारा अन्य शहरों में भी इसी प्रकार की वारदात किये जाने की जानकारी मिली है जिसकी जांच जारी है।

सरगना के मिलने पर पता चलेगा फर्जी चेक कैसे बना

माधव नगर थाना प्रभारी मनीष लोधा ने बताया कि राहुल को जेल भेजने के बाद कंचन सिंह से पूछताछ की तो पता चला है कि चेतन निवासी मथुरा द्वारा फर्जी चेक बनाने का काम किया जाता है। वही असली सरगना है। पुलिस टीम को मथुरा रवाना किया गया है। उसके पकड़ाने के बाद ही पता चलेगा कि किस प्रकार फर्जी चेक तैयार बैंक से रुपये निकाले गये।

खाते से रुपये निकले तो पहुंचा था बैंक
पुलिस के अनुसार रेनी पाको के खाते से 4.60 लाख रुपये निकलने का मैसेज मोबाइल पर आया तो वह बैंक पहुंचा और मैनेजर को शिकायत की। मैनेजर ने पाको को उसके द्वारा हस्ताक्षर किया चेक दिखाया तो पाको ने कहा कि यह इस नंबर का चेक मेरे पास है। मैंने किसी को यह चेक नहीं दिया था। यहां गड़बड़ी पकड़ में आने के बाद मैनेजर ने माधव नगर थाने में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

ऐसा हो सकता है…

जानकारों के मुताबिक किसी व्यक्ति द्वारा बैंक में खाता खुलवाने के बाद चेक बुक इश्यू करवाई गई हो और उसी बैंक के दूसरे खाता धारकों के हस्ताक्षर इंटरनेट के माध्यम से बैंक की वेबसाइट से चोरी कर स्वयं के द्वारा इश्यू करवाई गई चेकबुक के चेक पर राशि लिखने के बाद अन्य खाताधारक के हस्ताक्षर कर रुपए निकाले गए हो। ऐसी स्थिति में बैंक के कैश पर बैठने वाले कर्मचारी की लापरवाही हो सकती है।

यह था मामला

बैक आफ इंडिया सेठी नगर शाखा के मैनेजर ने 15 दिसंबर को माधव नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात व्यक्ति ने फर्जी चेक लगाकर 13 दिसंबर को रेनी पाको नामक व्यक्ति के खाते से 4.60 लाख रुपये निकाल लिये हैं। पुलिस ने मामले में केस दर्ज करने के बाद सीसीटीवी फुटेज की जांच की जिसमें एक व्यक्ति का सुराग हाथ लगा। पुलिस टीम ने राहुल पिता दिलीप राठौर निवासी माधोपुरा मक्सीरोड़ को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो पता चला कि फ्रीगंज मजदूर चौराहे पर उसे एक व्यक्ति ने बैंक से रुपये निकालने के लिये चेक देकर भेजा था।

उस व्यक्ति को पुलिस ने चेक लगाने के बहाने बुलाया और हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने अपना नाम कंचनसिंह पिता प्रतापसिंह 60 वर्ष निवासी हाथरस यूपी हालमुकाम बालाजीपुरम हाईवे रोड़ मथुरा बताया। पुलिस ने आरोपियों केपास से 4.60 लाख रुपये बरामद कर कोर्ट में पेश किया। जहां से राहुल को जेल भेज दिया गया जबकि कंचनसिंह को 30 दिसंबर तक पुलिस रिमाण्ड पर सौंपा गया है।

जरूर पढ़ें

मोस्ट पॉपुलर