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भगवान चिंतामन गणेश का पूजन कर लगाया तिल के लड्डुओं का महाभोग

तिल और अंगारकी चतुर्थी का संयोग: भगवान चिंतामन गणेश का पूजन कर लगाया तिल के लड्डुओं का महाभोग, सुबह से दर्शनों का सिलसिला

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उज्जैन। मंगलवार को माघ मास की संकटा चतुर्थी और अंगारकी चतुर्थी का संयोग करीब सात साल बाद बना है। सुबह में भगवान गणेश का अभिषेक पूजन कर तिल के लड्डुओं का महाभोग लगाया गया। श्रद्धालु गणेश मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए पहुंच रहे हैं। वहीं श्री मंगलनाथ और श्री अंगारेश्वर मंदिर में देशभर से भक्त आ रहे हैं।

चिंतमान गणेश मंदिर के पं. शंकर पुजारी ने बताया कि माघ मास की संकष्टी चतुर्थी साल की 12 चतुर्थी में बड़ी मानी जाती है। इस दिन भगवान चिंतामन का पूजन करने से सुख समृद्धि व मांगलिक कार्यों में आ रहे व्यवधान दूर होते हैं। आज तिल महोत्सव मनाया जा रहा है।

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मंदिर में आकर्षक सज्जा की गई है। तड़के 4 बजे मंदिर के पट खुले। इसके बाद भगवान का अभिषेक पूजन कर श्रृंगार किया गया। भगवान को तिल से निर्मित 56 पकवानों के साथ सवा क्ंिवटल तिल के लड्ड्ओं का भोग लगाकर महाआरती की गई। दिनभर भक्तों के दर्शन का सिलसिला चलेगा।

महाकाल के सिद्धि विनायक में 56 भोग-महाकाल मंदिर परिसर स्थित प्राचीन श्री सिद्धि विनायक गणेशजी को तिल चतुर्थी पर्व के अवसर पर मंगलवार को तिल से बने पकवानों का 56 भोग लगाया।

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मुख्य पुजारी पं. दिलीप उपाध्याय चमू गुरु ने बताया कि तिल चतुर्थी के उपलक्ष्य में उत्सव मनाया जा रहा है।श्री सिद्धि विनायक गणेशजी का आकर्षक शृंगार किया। महाआरती कर तिल के पकवानों का भोग लगाया। महाकाल मंदिर के समीप स्थित बड़े गणेश मंदिर में 114 वां स्थापना दिवस मनाया जा रहा है।

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