विक्रमनगर स्टेशन पर एफओबी के लिए एक साइड पिलर भरे, दूसरी ओर गड्ढे खोदे

गुड्स शेड का काम भी तेजी से चल रहा

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। सिंहस्थ 2028 के लिए एक ओर जहां शहर में इंफ्रास्ट्रक्कर को मजबूत किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर रेलवे द्वारा भी अपनी तैयारियों के तहत यात्री सुविधाओं से जुड़े कामों को युद्धस्तर पर किया जा रहा है। इसी के तहत विक्रम नगर स्टेशन को उज्जैन जंक्शन के सैटेलाइट स्टेशन के रूप में डेवलप किया जा रहा है।
स्टेशन अधीक्षक दिलीप कुमार मेढें ने बताया यहां एक फुट ओवरब्रिज (एफओबी) पहले से है और वर्तमान में दूसरे का काम शुरू हो गया है जिसके तहत एक साइड पर पिलर भर तैयार कर दिए गए हैं तो दूसरी ओर गड्ढे खोदकर पिलर भरने की तैयारी की जा रही है। इसके साथ ही गुड्स शेड का काम भी तेजी से किया जा रहा है।
दरअसल, इसके बनने के बाद सीधा फायदा यह होगा कि सिंहस्थ के दौरान उज्जैन के मुख्य स्टेशन पर भीड़ कम करने के लिए कई पैसेंजर और स्पेशल ट्रेनों को विक्रम नगर स्टेशन पर ही रोका या वहीं से टर्मिनेट किया जा सकेगा। इसके अलावा क्राउड मैनेजमेंट में भी मदद मिलेगी। इसके लिए चल रहे कामों को तेजी से किया जा रहा है। रेलवे ने वर्ष 2027 तक सभी कामों को पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
सुरक्षा के लिए बनाई दीवार
रेलवे स्टेशन के चारों ओर बाउंड्रीवॉल बनाई गई है। इसके अलावा पटरियों के साइड में भी 3 से 3.5 फीट की दीवार बनाई गई है ताकि शॉर्टकट के चक्कर में कोई व्यक्ति सीधे पटरी क्रॉस नहीं कर सके और ना ही मवेशी या अन्य जानवर पटरियों तक पहुंच सकें। इससे ट्रेन की चपेट में आने वाले हादसों को रोका जा सकेगा। इंदौर रूट पर विक्रमनगर तक पूरे क्षेत्र की पटरियों को कवर किया जा रहा है। इसके अलावा उज्जैन के आसपास के अन्य स्टेशनों पर भी दीवार बनाने का काम शुरू हो गया है। दीवार बनने से उज्जैन मुख्य स्टेशन से 5 किलोमीटर दूर तक किसी भी रूट पर कोई सीधे पटरी क्रॉस नहीं कर सकेगा। पटरी के दूसरी ओर जाने के लिए ब्रिज या अंडरपास के रास्ते पहुंचना होगा।
7800 ट्रेनें चलेंगी
प्रयागराज में 65 करोड़ श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए ही सिंहस्थ 2028 के दौरान 30 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान प्रशासन द्वारा लगाया गया है। जितने श्रद्धालु सड़क मार्ग से पहुंचेंगे उतने ही ट्रेनों से भी आएंगे। इसके लिए देशभर से रेलवे द्वारा 7800 ट्रेनें चलाई जाएंगी। उस दौरान उज्जैन के मुख्य स्टेशन पर भीड़ का दबाव ना पड़े, इसलिए आसपास के स्टेशनों पर पैसेंजरों को रोका जाएगा इसलिए यहां हर जरूरी सुविधाएं जुटाई जा रही हैं। बता दें पिछले दिनों पश्चिम रेलवे के जीएम ने भी दौरा किया था।
नहीं हो सकी चर्चा : इस संबंध में पीआरओ मुकेश कुमार से चर्चा करना चाही लेकिन उन्होंने किसी कार्यक्रम होने का हवाला देते हुए बाद में चर्चा करने की बात कही।









