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उज्जैन:तीसरे दिन भी नहीं सुधरी वार्डों में बनाए वैक्सीनेशन सेंटरों की व्यवस्था

कहीं दवा नहीं पहुंची तो कहीं फार्म उपलब्ध नहीं, कई जगह रजिस्ट्रेशन स्टाफ नहीं आया, लोगों की लगी कतार

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उज्जैन। एक अप्रैल से 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाने का काम शुरू हो चुका है। शहर में वैक्सीनेशन के लिये 54 वार्डों में 57 सेंटर बनाकर नर्स, टीचर व अन्य कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, लेकिन तीन दिन बीतने के बाद भी अनेक सेंटरों पर अव्यवस्थाएं व्याप्त हैं।फाजलपुरा शासकीय स्कूल वैक्सीनेशन सेंटर पर सुबह 10 बजे दो शिक्षक, एक नर्स व एक चिकित्सा विभाग का कर्मचारी उपस्थित था लेकिन वैक्सीन यहां नहीं पहुंच पाई थी। इसी प्रकार शासकीय प्राथमिक विद्यालय नगरकोट के वैक्सीनेशन सेंटर पर तीन लोग एक नर्स, एक टीचर और एक आशा कार्यकर्ता की ड्यूटी लगाई गई। यहां टीचर द्वारा मोबाइल से लोगों का रजिस्ट्रेशन किया जा रहा था। उन्हें भीड़ अधिक होने पर ऑफलाइन इंट्री करना पड़ रही थी।

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ढांचा भवन स्थित शासकीय स्कूल के वैक्सीनेशन सेंटर पर सुबह 10.15 बजे तक लोग कतार लगाकर बैठे रहे लेकिन वैक्सीनेशन शुरू नहीं हुआ। यहां मौजूद नर्स श्रीमती मालती अहिरवार ने बताया कि वैक्सीनेशन से पहले एक फारमेट के फार्म में जानकारी फिलअप करना होती है। फार्म उपलब्ध नहीं हैं। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को फार्म की फोटोकॉपी कराने भेजा है इस कारण अभी तक वैक्सीनेशन शुरू नहीं हो पाया है। यहां मौजूद टीचर एमएच सिद्दीकी स्वयं वैक्सीनेशन सेंटर का बैनर लगाते नजर आये। सिद्दीकी ने बताया कि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन में अधिक समय लग रहा है जिससे लोगों को इंतजार करना पड़ता है। यही स्थिति जीडीसी दशहरा मैदान सेंटर की भी थी। यहां मौजूद स्टाफ को रजिस्ट्रेशन में दिक्कतें आ रही थी जिस कारण लोगों को इंतजार करना पड़ रहा था।

पोर्टल की गति धीमी, मोबाइल से रजिस्ट्रेशन में परेशानी
लोगों को आधार कार्ड अथवा उम्र संबंधी दस्तावेज सेंटर पर देकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होता है। पोर्टल की गति धीमी होने और मोबाइल से रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया करने में 3 से 5 मिनिट का समय लगता है। ओटीपी आने के बाद एक रजिस्ट्रेशन पूर्ण हो रहा है। एक व्यक्ति को वैक्सीन लगवाने की प्रक्रिया में कुल 7-8 मिनिट लग रहे हैं इस कारण सेंटर पर भीड़ बढऩे के साथ लोगों को इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि कुछ सेंटर खाली पड़े हैं।

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