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5 राज्यों में क्रिमिनल केस वाले 1405 उम्मीदवारों को टिकट

191 के चयन की वजह नहीं बताई

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नई दिल्ली। देश के पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में राजनीतिक दलों ने आपराधिक मामलों वाले 1,405 उम्मीदवारों को टिकट दिया। इनमें से 191 उम्मीदवारों को प्रत्याशी बनाए जाने का कारण राजनीतिक दलों ने सार्वजनिक नहीं किया। यह खुलासा एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की रिपोर्ट में हुआ है।

ADR ने असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी के विधानसभा चुनावों में उम्मीदवारों के चयन से संबंधित फॉर्म C7 का विश्लेषण किया। रिपोर्ट के अनुसार, इन पांच चुनावों में कुल 8,848 उम्मीदवार मैदान में थे। इनमें 51 राजनीतिक दलों के 3,539 उम्मीदवारों के रिकॉर्ड का अध्ययन किया गया।

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1,405 उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले

रिपोर्ट के मुताबिक, विश्लेषण किए गए 3,539 उम्मीदवारों में से 1,405 ने अपने चुनावी हलफनामे में आपराधिक मामले घोषित किए थे। राजनीतिक दलों ने इनमें से 1,214 उम्मीदवारों के चयन का कारण फॉर्म C7 के माध्यम से सार्वजनिक किया, जबकि 191 उम्मीदवारों के मामले में यह जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।

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ADR ने कहा कि कई मामलों में राजनीतिक दलों ने उम्मीदवारों के चयन का स्पष्ट कारण बताने के बजाय एक जैसे और दोहराए गए तर्क दिए। कुछ दलों ने उम्मीदवार की लोकप्रियता, चुनाव जीतने की संभावना या सामाजिक कार्यों को टिकट देने का आधार बताया।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन जरूरी

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, राजनीतिक दलों को आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों को टिकट देने का कारण सार्वजनिक करना होता है। साथ ही यह भी बताना होता है कि बिना आपराधिक रिकॉर्ड वाले किसी अन्य व्यक्ति को प्रत्याशी क्यों नहीं चुना गया।

ADR के मुताबिक, उम्मीदवार के चयन का आधार केवल उसकी ‘विनेबिलिटी’ यानी चुनाव जीतने की संभावना नहीं होना चाहिए। राजनीतिक दलों को उम्मीदवार की योग्यता, उपलब्धियों और मेरिट के आधार पर चयन का कारण बताना चाहिए।

पांच राज्यों में सामने आए आंकड़े

ADR की रिपोर्ट के अनुसार, आपराधिक मामलों वाले उम्मीदवारों और उनके चयन के कारणों का राज्यवार विवरण इस प्रकार है—

  • असम: 66 उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले, 56 के चयन का कारण सार्वजनिक।
  • केरल: 268 उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले, 241 के चयन का कारण सार्वजनिक।
  • तमिलनाडु: 473 उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले, 401 के चयन का कारण सार्वजनिक।
  • पश्चिम बंगाल: 559 उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले, 504 के चयन का कारण सार्वजनिक।
  • पुडुचेरी: 39 उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले, 12 के चयन का कारण सार्वजनिक।

रिपोर्ट में कहा गया है कि चुनावी राजनीति में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों को टिकट देने की प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी है। मतदाताओं को उम्मीदवारों के आपराधिक रिकॉर्ड और उनके चयन के कारणों की जानकारी मिलनी चाहिए, ताकि वे सोच-समझकर मतदान कर सकें।

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