चौड़ीकरण : महाकाल घाटी से नीलकंठ द्वार तक सड़क 24 मीटर चौड़ा करने की तैयारी

व्यापारियों ने खुद ही सामान हटाना शुरू किया, भवन भी तोड़ेंगे
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। महाकाल घाटी से नीलकंठ द्वार तक सड़क चौड़ीकरण की तैयारी शुरू हो गई है। यहां भवनों पर निशान लगा दिए गए हैं, परंतु व्यापारियों का कहना है कि पिछले सिंहस्थ में ही यह मार्ग चौड़ा हुआ है। वर्तमान में इसकी चौड़ाई बढ़ाने की जरूरत नहीं है। संकरा मार्ग तो पटनी बाजार तरफ का है। उस क्षेत्र में सड़क की चौड़ाई 35 फीट ही है।
वहां चौड़ीकरण की जरूरत है परंतु नगर निगम कोट मोहल्ला चौराहा तरफ की सड़क चौड़ी कर रहा है। आसपास की चौड़ी सड़कों से वाहन तेज गति से आएंगे और संकरे मार्ग पर जाम लगने की नई समस्या खड़ी हो जाएगी। इस सब उहापोह के बीच महाकाल चौराहे तरफ व्यापारियों ने बुधवार शाम को दुकानों का सामान हटाना शुरू कर दिया परंतु कोट मोहल्ला चौराहे की तरफ फिलहाल कोई शुरुआत नहीं हुई है।
महाकाल घाटी से कोट मोहल्ला होते हुए नीलकंठ द्वार तक करीब 700 मीटर लंबी सड़क का चौड़ीकरण किया जाना है क्षेत्र में 100 से अधिक व्यवसायिक प्रतिष्ठान हैं। इनमें से अधिकतर होटल और लॉज हैं जहां महाकालेश्वर भगवान के दर्शन के लिए बाहर से आने वाले श्रद्धालुजन रुकते हैं।
महकाल चौराहे से कोट मोहल्ला चौराहे तक की सड़क वर्तमान में अलग-अलग स्थानों पर 15 से 18 मीटर तक चौड़ी है इसे बढ़ाकर 24 मीटर चौड़ी किया जा रहा है। भवन तोडऩे के लिए सड़क के सेंटर से नपती कर एक महीने पहले भवनों पर 3.2 मीटर पर निशान लगाए थे पर चार दिन पहले 4 से 4.2 मीटर तक के निशान लगाए हैं। सड़क चौड़ीकरण में अब 12 से 15 फीट तक भवन टूटेंगे। इस कार्रवाई से 3 गुमटियां और दो मकान जिनकी लंबाई 12 फीट तक है पूरी तरह साफ हो जाएंगे। रहवासी इसे लेकर चिंतित हैं।
भवन तोडऩे से ज्यादा आवश्यक है यह कार्यवाही
क्षेत्र के व्यापारियों और अन्य लोगों ने बताया महाकाल मंदिर के पास का ही क्षेत्र है। दर्शन करने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं का यहां दिनभर आना जाना लगा रहता है। यहां अवैध ठेले और सड़क पर बैठकर दुकान लगाने वालों के कारण पैदल चलने वालों को परेशानी होती है परंतु नगर निगम परची काटकर इनसे शुल्क वसूलता है और इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है। साथ ही ई-रिक्शॉ चालकों के कारण मार्ग अधिक बाधित होता है। लोग सड़क किनारे ही पार्किंग कर देते हैं इसके कारण भी जाम लगता है। नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस को इमानदारी से कार्यवाही करना चाहिए।
इनका कहना है
क्षेत्र की सुंदरता बढ़ेगी, लोग आएंगे तो व्यापार भी बढ़ेगा: क्षेत्र में होटल-लॉज चलाने वाले जाहिद खान ने बताया विकास का साथ देना चाहिए। सौंदर्यीकरण से कीमत भी बढ़ेगी। दुख की बात यह है कि पांच से 6 भवन स्वामियों ने भवन का रिनोवेशन करवाया है। नगर निगम की प्लानिंग पहले की है। तभी घोषणा कर देते तो ये रिनोवेशन नहीं होता और भवन स्वामियों का नुकसान नहीं होता
हम तो किराएदार हैं, गुमटी स्वामी की आय बंद हो जाएगी: महाकाल चौराहा और कोट मोहल्ला चौराहे के बीच सड़क किनारे चाय की गुमटी संचालित करने वाले मनोज परमार ने बताया उनकी गुमटी आठ फीट लंबी है। पूरी गुमटी और पीछे के मकान का दो फीट हिस्सा जाएगा। मनोज ने बताया वह किराएदार है। दूसरी जगह किराए की गुमटी लेकर दुकान चला लेगा परंतु गुमटी मालिक की आय खत्म हो जाएगी।
जहां चौड़ी सड़क है वहां चौड़ीकरण की जरूरत नहीं: लॉजिंग होटल व्यवसायी अनीस शेख ने बताया पहले से 60 फीट चौड़ी सड़क है यह चौड़ाई पर्याप्त है। इसे 24 मीटर चौड़ी कर रहे हैं जिसकी जरूरत नहीं है। सड़क के दोनों तरफ 3-3 मीटर पर निशान लगाए हैं। अभी भवनों को तोड़ा गया तो सिंहस्थ से पहले तक मरम्मत नहीं हो पाएगी जिससे आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा नहीं मिल पाएगी।
क्षेत्र के व्यापारी मीटिंग कर निर्णय लेंगे: क्षेत्र में लॉज चलाने वाले वसीम खान ने बताया सड़क चौड़ीकरण पूरे शहर में चल रहा है। यहां सड़क पर्याप्त चौड़ी है। इस मुद्दे पर क्षेत्र के व्यापारी मीटिंग कर आपस में चर्चा करेंगे। चर्चा के बाद जो भी निर्णय होगा सर्वमान्य होगा।
पहले बता देते तो नुकसान नहीं होता: क्षेत्र के दुर्गेश यादव ने बताया चौड़ीकरण की इस कार्रवाई में 100 से अधिक भवन प्रभावित हो रहे हैं। प्रभावित भवनों में लॉज और होटलें ज्यादा हैं। शासन प्रशासन की योजना है। आगामी सिंहस्थ के लिए शहर में तैयारी चल रही है। यह पहले बता देते तो लोगों का नुकसान कम होता।









