200 करोड़ के टेंपल बॉन्ड जारी होंगे, 10 साल के लिए होगा निवेश

बैठक में निर्णय : 1100 करोड़ से होगा मंदिरों का कायाकल्प
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। संभाग के प्रसिद्ध और ऐतिहासिक मंदिरों के प्रबंधन, जीर्णोद्धार और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रशासन एक बेहद अनूठी और बड़ी वित्तीय योजना पर काम कर रहा है। इसके लिए संभागायुक्त आशीष सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को टेंपल बॉन्ड जारी करने के निर्णय बैठक में लिए गए। बैठक मेें संभाग के प्रमुख मंदिरों का कुल 1100 करोड़ रुपए से कायाकल्प कराने का भी निर्णय लिया गया। संभागायुक्त ने बैठक में कहा कि टेंपल बॉन्ड इश्यू करने की कागजी और तकनीकी प्रक्रिया हर हाल में 15 जुलाई तक पूरी कर ली जाए, जिससे 31 जुलाई तक इन टेंपल बॉन्ड को आधिकारिक रूप से लॉन्च किया जा सके।
इन मंदिरों की बदलेगी सूरत
योजना के तहत उज्जैन और आगर-मालवा जिले के प्रसिद्ध मंदिरों को शामिल किया गया है। इसमें मुख्य रूप से श्री कालभैरव मंदिर, श्री मंगलनाथ मंदिर, श्री सांदीपनि आश्रम, नवग्रह शनि मंदिर, सभी 84 महादेव मंदिर, श्री अंगारेश्वर महादेव मंदिर, मां भूखी माता मंदिर, मां गढ़कालिका मंदिर, श्री सिद्धवट मंदिर और आगर-मालवा का प्रसिद्ध मां बगलामुखी माता मंदिर शामिल हैं। इन सभी स्थलों पर बुनियादी ढांचे और यात्री सुविधाओं का बड़े पैमाने पर विकास किया जाएगा।
1100 करोड़ रुपए का वित्तीय गणित
बैठक में 11 सौ करोड़ रुपए के बजट के वित्तीय प्रबंधन का खाका भी प्रस्तुत किया गया। अधिकारियों ने बताया कि 1100 करोड़ रुपए की राशि तीन अलग-अलग माध्यमों से जुटाई जाएगी। इसमें सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा यानी 625 करोड़ रुपए विभिन्न बैंकों और वित्तीय संस्थानों के माध्यम से प्राप्त किए जाएंगे। इसके अलावा, 275 करोड़ रुपए की व्यवस्था अर्बन चैलेंज फंड से होगी और शेष 200 करोड़ रुपए की राशि जनता और निवेशकों के लिए जारी होने वाले टेंपल बॉन्ड के जरिए जुटाई जाएगी।
10 वर्ष की होगी बॉन्ड की अवधि
संभागायुक्त ने बताया कि ये टेंपल बॉन्ड 10 वर्ष की अवधि के लिए जारी किए जाएंगे। इससे न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि देश-विदेश के श्रद्धालुओं को इन मंदिरों के विकास में सीधे तौर पर निवेश करने और भागीदार बनने का अवसर भी मिलेगा।









